जेद्दा में सोमवार 30 मार्च 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए जा रहे हमलों को बेहद खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि सिविलियन ठिकानों और जरूरी संस्थानों पर लगातार हमले करना पूरे इलाके की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली बात है।
बैठक के दौरान किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
सऊदी अरब और जॉर्डन के नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और हाल के सैन्य तनाव के परिणामों पर विस्तार से बात की। किंग अब्दुल्ला II ने चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्रीय हालातों का फायदा उठाकर पवित्र स्थलों पर पाबंदी लगाना या गाजा में नई स्थितियां थोपना गलत है। दोनों देशों ने ईरान के इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे एक बड़ा उकसावा करार दिया है।
सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
- जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी है कि उसने ईरान की ओर से आए 5 मिसाइलों और एक ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है।
- जॉर्डन अब GCC देशों और रूस के साथ मिलकर एक साझा बैठक कर रहा है ताकि इन हमलों के प्रभाव पर चर्चा की जा सके।
- सऊदी और जॉर्डन ने आपसी सहयोग बढ़ाकर क्षेत्र में स्थिरता लाने की बात दोहराई है।
- मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए दोनों देश सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
