Saudi Arabia पर बड़ा हमला, जुबैल गैस प्लांट को बनाया गया निशाना, इस्राइली मीडिया के दावे से मची खलबली.

Nura Basta9 August 20263 min read139 viewsSaudi
Saudi Arabia पर बड़ा हमला, जुबैल गैस प्लांट को बनाया गया निशाना, इस्राइली मीडिया के दावे से मची खलबली.

सऊदी अरब के पूर्वी इलाके में स्थित एक औद्योगिक सुविधा केंद्र पर हुए धमाके और आग लगने की घटना के बाद अब इस्राइली मीडिया ने बड़ा दावा किया है। खबरों के मुताबिक, यमन के हूति विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र में स्थित एक गैस फैसिलिटी पर हमला किया है। ANI News की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल के चैनल 14 ने यह जानकारी दी है कि हूति लड़ाकों ने अल जुबैल में स्थित
Saudi Aramco के गैस प्लांट को सीधे तौर पर निशाना बनाया है। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है।

जुबैल इलाके में सुनी गई तेज आवाज

स्थानीय और क्षेत्रीय रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि घटना के समय जुबैल क्षेत्र में एक जोरदार धमाका सुना गया था। इसके साथ ही ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB ने अरब स्रोतों के हवाले से यह जानकारी दी कि जुबैल इंडस्ट्रियल सिटी में बने गैस संयंत्रों को टारगेट किया गया था जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई। इस तरह की घटनाओं से खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और कामगारों के बीच चिंता का माहौल बन जाता है। सऊदी अरब में रोजगार के सिलसिले में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी इस प्रकार के सुरक्षा हालात काफी संवेदनशील माने जाते हैं।

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جازان रिफाइनरी में भी लगी आग

इसी दिन सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित जाजान क्षेत्र में Saudi Aramco की एक रिफाइनरी फैसिलिटी में भी आग लगने की खबर सामने आई थी। हालांकि कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इस आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान या चोट लगने की कोई सूचना नहीं है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के असली कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि जुलाई के अंत में हूति विद्रोहियों ने जाजान स्थित अरामको सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले करने का दावा किया था, लेकिन इस बार सऊदी प्रशासन ने जाजान की आग को सीधे तौर पर किसी हमले से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ईरान की चेतावनी और बढ़ता तनाव

यह पूरा घटनाक्रम
8 अगस्त 2026 को ईरान की तरफ से दी गई उस चेतावनी के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के कई तेल संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है। इस चेतावनी में सऊदी अरब के जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का नाम भी शामिल था। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा और सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। गत
7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मिलकर एक 'मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य आपसी सैन्य सहयोग को और अधिक मजबूत करना है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय

अगस्त के शुरुआती दिनों में सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने दक्षिणी सऊदी अरब पर हुए हूति हमलों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि इन हमलों में आम नागरिक घायल हुए हैं और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। सऊदी सरकार ने पहले ही इस बात की चेतावनी जारी कर दी थी कि हूति और ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों पर समन्वित हमले कर सकते हैं। इसके अलावा, जुलाई के अंत में हूति विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी करने का ऐलान किया था, जिसे रियाद प्रशासन ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था। खाड़ी देशों में इस तरह के सुरक्षा घटनाक्रमों से वहां काम करने वाले प्रवासी समुदाय पर भी मानसिक असर पड़ता है, हालांकि स्थानीय सरकारें सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

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