सऊदी अरब के किंग सलमान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एयरपोर्ट पर फंसे सभी GCC देशों यानी खाड़ी देशों के नागरिकों को शाही मेहमान के तौर पर रखने की मंजूरी दे दी है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सुझाव पर यह शाही आदेश जारी किया गया है। क्षेत्रीय तनाव और उड़ानों के रद्द होने के कारण जो यात्री सऊदी के अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं, अब उनकी पूरी देखभाल और रहने का इंतजाम सऊदी सरकार करेगी।

किन लोगों को मिलेगा इस फैसले का फायदा?

यह निर्देश उन सभी यात्रियों के लिए है जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर, कुवैत और ओमान के नागरिक हैं और वर्तमान में सऊदी अरब के किसी भी एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि इन नागरिकों को सम्मान के साथ रखा जाए और उन्हें हर तरह की सुख-सुविधा दी जाए। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक कि उनके अपने देश लौटने के लिए हालात सामान्य नहीं हो जाते और उड़ानें फिर से शुरू नहीं हो जातीं।

उड़ानें रद्द होने की मुख्य वजह और ताजा अपडेट

क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव की वजह से सऊदी अरब सहित कई देशों ने हवाई रास्ते बंद किए हैं जिससे उड़ानों पर सीधा असर पड़ा है। सऊदी एयरलाइंस ने कम से कम 2 मार्च 2026 तक कई गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। रियाद के किंग खालिद और जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज जैसे बड़े हवाई अड्डों पर यात्रियों की मदद के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

सुविधा का नाम विवरण
लक्षित यात्री UAE, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान के नागरिक
आवास व्यवस्था सरकारी स्तर पर मुफ्त मेजबानी
प्रभावी तारीख तत्काल प्रभाव से लागू
उड़ान स्थिति 2 मार्च तक कई उड़ानें रद्द

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयरलाइन के ऐप या आधिकारिक चैनलों के जरिए अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। अगर कोई यात्री पहले से ही एयरपोर्ट पर मौजूद है और उसकी फ्लाइट रद्द हो गई है, तो वह एयरपोर्ट सूचना केंद्र या एयरलाइन प्रतिनिधि से मिलकर इस सुविधा का लाभ ले सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.