सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को कुवैत और ओमान के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद पूरे इलाके में सुरक्षा और शांति बनाए रखना था। तीनों देशों ने मिलकर इस बात पर जोर दिया कि तनाव को कम किया जाए और आपसी बातचीत से मसले सुलझाए जाएं ताकि भविष्य में किसी बड़े संकट से बचा जा सके।

🚨: Qatar का लेबनान पर बड़ा बयान, इसराइल की हरकतों की निंदा की, संप्रभुता और एकता का दिया समर्थन

बातचीत में किन खास बातों पर जोर दिया गया?

  • तनाव कम करने और राजनीतिक और राजनयिक समाधान निकालने पर चर्चा हुई।
  • खाड़ी देशों (GCC) के बीच तालमेल बढ़ाने और साझा मुद्दों पर एक जैसी राय रखने की बात कही गई।
  • तेल बाज़ार और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बहुत ज़रूरी बताया गया ताकि ग्लोबल इकोनॉमी पर बुरा असर न पड़े।
  • युद्धग्रस्त इलाकों में मानवीय मदद पहुंचाने और आम लोगों के दुख कम करने के लिए संयुक्त राहत कार्यों पर चर्चा हुई।
  • मंत्रियों ने तय किया कि वे आने वाले समय में GCC और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे।

कुवैत और UAE के बीच क्या चर्चा हुई?

कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने 20 अप्रैल 2026 को UAE के विदेश मंत्री से भी फोन पर बात की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने UAE की राष्ट्रीय एकता और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले एक आतंकी हमले की खबर की कड़ी निंदा की। कुवैत ने साफ तौर पर कहा कि वह UAE की सुरक्षा के लिए पूरी तरह उनके साथ खड़ा है।

सुरक्षा चर्चा के मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
मुख्य बातचीत की तारीख 21 अप्रैल 2026
शामिल देश सऊदी अरब, कुवैत और ओमान
मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना
खास फोकस समुद्री शिपिंग लेन और ऊर्जा बाजार की सुरक्षा
रणनीति तनाव कम करना और राजनीतिक समाधान
अन्य अपडेट UAE में आतंकी साजिश की कड़ी निंदा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.