सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने मिलकर तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। 7 जून 2026 को हुई एक वर्चुअल बैठक में इन सात देशों ने तेल उत्पादन में बदलाव करने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत जुलाई 2026 से तेल उत्पादन में 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) का बदलाव किया जाएगा। इस कदम का सीधा असर वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
तेल उत्पादन में बदलाव को लेकर क्या है पूरा फैसला?
बैठक में तय किया गया है कि अप्रैल 2023 में घोषित किए गए अतिरिक्त स्वैच्छिक समायोजन में से 1,88,000 बैरल प्रतिदिन का बदलाव जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। यह फैसला ओपेक प्लस (OPEC+) देशों की तेल बाजार को स्थिर बनाए रखने की कोशिशों का हिस्सा है। इससे पहले 3 मई 2026 को हुई बैठक में जून 2026 के लिए भी इतनी ही बढ़ोतरी पर सहमति बनी थी। यह लगातार चौथी बार है जब उत्पादन लक्ष्यों में इस तरह का बदलाव किया जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पिछले कुछ वादों से हटने के फैसले को ध्यान में रखकर भी ये आंकड़े तय किए गए हैं।
| तारीख / समय सीमा | फैसले का विवरण |
|---|---|
| 7 जून 2026 | वर्चुअल बैठक में जुलाई 2026 के लिए फैसला हुआ |
| जुलाई 2026 | 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन बदलाव लागू होगा |
| 5 जुलाई 2026 | अगली समीक्षा बैठक की तारीख |
| दिसंबर 2026 | ज्यादा उत्पादन करने वाले देशों के लिए भरपाई की अंतिम सीमा |
क्या हैं नए नियम और देशों की जिम्मेदारियां?
बैठक में सभी सात देशों ने मिलकर कुछ जरूरी नियम तय किए हैं जिसके तहत बाजार की सुरक्षा और तेल की कीमतों को काबू में रखा जा सकेगा। प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
- बाजार की स्थिति को देखते हुए उत्पादन बढ़ाने, रोकने या वापस लेने का फैसला पूरी तरह से लचीला रखा जाएगा।
- जनवरी 2024 से अब तक जिन देशों ने तय सीमा से ज्यादा तेल निकाला है, वे इसकी पूरी भरपाई दिसंबर 2026 के अंत तक करेंगे।
- बाजार की निगरानी और नियमों के पालन को देखने के लिए हर महीने बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- अगली मासिक समीक्षा बैठक 5 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओपेक प्लस (OPEC+) देशों ने तेल उत्पादन को लेकर क्या नया बदलाव किया है?
इन देशों ने जुलाई 2026 से तेल उत्पादन में 1,88,000 बैरल प्रतिदिन (bpd) का बदलाव करने का निर्णय लिया है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।
इस फैसले में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस निर्णय में मुख्य रूप से सात देश शामिल हैं जिनमें सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान का नाम शामिल है।
