सऊदी अरब में नौकरी करने वाले प्रवासियों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है। अब ऑफिस के तय समय के बाद अगर आपको काम से जुड़ा कोई मैसेज या कॉल आता है, तो आप उसके लिए भुगतान की मांग कर सकते हैं। विशेषज्ञ Nasser Al-Wasili ने कहा है कि यह कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है और इसे कंपनी की मेहरबानी नहीं माना जाना चाहिए।

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सऊदी अरब के श्रम कानून (Saudi Labor Law) के आर्टिकल 107 में ओवरटाइम को लेकर साफ नियम दिए गए हैं। कानून के मुताबिक, सामान्य तौर पर काम के घंटे दिन में 8 घंटे या हफ्ते में 48 घंटे तय हैं। अगर कोई कर्मचारी इन घंटों से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम माना जाता है।

ओवरटाइम के लिए कर्मचारी को उसकी नियमित प्रति घंटा सैलरी का 150% भुगतान किया जाता है। कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि वे काम के घंटों और ओवरटाइम का सही रिकॉर्ड रखें। यह भुगतान पैसों के रूप में या आपसी सहमति से तय की गई छुट्टी के रूप में दिया जा सकता है।

प्रवासियों के हक के लिए सरकारी इंतजाम

मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई डिजिटल सिस्टम लागू कर चुका है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए ये नियम काफी मददगार हैं:

  • Wage Protection System (WPS): इस सिस्टम के जरिए सैलरी अब सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।
  • Digital Contracts: अब सभी नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल होते हैं, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश कम हो गई है।
  • Remote Work: घर से काम करने वाले लोगों को भी वही कानूनी अधिकार और वेतन सुरक्षा मिलती है जो ऑफिस जाने वालों को मिलती है।

सैलरी विवाद होने पर क्या करें

अगर किसी कर्मचारी की सैलरी या ओवरटाइम का पैसा समय पर नहीं मिलता, तो उसके लिए विवाद सुलझाने के तरीके मौजूद हैं। नियम के अनुसार, औपचारिक सूचना मिलने के 15 दिनों के भीतर कंपनी को विवाद सुलझाना होता है। अगर सैलरी 30 दिनों तक नहीं मिलती, तो कर्मचारी सीधे Najiz प्लेटफॉर्म के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है।