सऊदी अरब और लेबनान के बीच सुरक्षा सहयोग से ड्रग तस्करों को बड़ा झटका लगा है। सऊदी खुफिया एजेंसी की जानकारी मिलने के बाद लेबनान के अधिकारियों ने करीब 39 लाख एम्फ़ैटेमिन गोलियों की खेप को पकड़ा और उसे नष्ट कर दिया। यह ऑपरेशन दोनों देशों के बीच बढ़ते तालमेल का नतीजा है।
सऊदी खुफिया जानकारी से नाकाम हुई तस्करी
सऊदी आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तलाल बिन अब्दुल मोहसिन बिन शलहूब ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सऊदी के General Directorate of Narcotics Control ने लेबनान की सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सूचना दी थी। इसी जानकारी के आधार पर लेबनान में 39 लाख नशीली गोलियों की तस्करी की कोशिश को नाकाम किया गया और बाद में इन्हें नष्ट कर दिया गया।
दोनों देशों के बीच सुरक्षा तालमेल
ब्रिगेडियर जनरल शलहूब ने लेबनान के साथ चल रहे सहयोग की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यह तालमेल सीमा पार चलने वाले अपराधी गिरोहों को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। सऊदी अरब अपने युवाओं और समाज को नशे की चपेट में आने से बचाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है और अपराधियों को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।
लेबनान से निर्यात दोबारा शुरू होने का फैसला
इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले, 11 जून 2026 को सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने लेबनान से आने वाले सामान के निर्यात को फिर से शुरू करने का आदेश दिया था। लेबनान सरकार द्वारा नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों और सरकारी संस्थाओं को सुधारने की कोशिशों के बाद यह फैसला लिया गया। इससे पता चलता है कि सुरक्षा और राजनीतिक तालमेल अब बेहतर हुआ है।
पहले भी हुई हैं बड़ी कार्रवाई
सऊदी और लेबनान के बीच पहले भी कई बार ऐसी सफल कार्रवाई हुई हैं:
- जनवरी 2026: सऊदी की जानकारी पर लेबनान के बालबेक इलाके में एक अवैध ड्रग लैब को नष्ट किया गया।
- सितंबर 2025: करीब 65 लाख कैप्टागन गोलियां और 700 किलो गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत 15 मिलियन डॉलर थी।
- नवंबर 2025: लेबनान की सीमा में घुसने वाली नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को रोका गया।
