लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच 24 जुलाई 2026 को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हुदैदाह (Hodeidah) इलाके में सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि हुदैदाह पोर्ट पर कोई हमला नहीं हुआ है और वह समुद्री व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया था।
हमले की पूरी जानकारी
सऊदी गठबंधन के अनुसार, उन्होंने उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया जो कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। उसी दिन एक सऊदी जहाज NCC MASA को भी निशाना बनाया गया था, जिससे उसके ढांचे को मामूली नुकसान पहुंचा। सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी फॉर ट्रांसपोर्ट ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है। दूसरी ओर, हूती सैन्य अधिकारी Ameen Hayyan ने सऊदी अरब पर पोर्ट पर हमला करने का आरोप लगाया है, जबकि स्थानीय खबरों में हुदैदाह शहर और कमरान द्वीप पर स्थित टेलीकॉम सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
हूती विद्रोहियों ने हाल ही में सऊदी अरब के खिलाफ लाल सागर में नाकाबंदी का ऐलान किया है और सऊदी से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस स्थिति पर गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे यमन की संप्रभुता का उल्लंघन करने वालों का कड़ाई से जवाब देंगे। इसके अलावा, ईरान पर भी हूती विद्रोहियों को सैन्य साजो-सामान उपलब्ध कराने के आरोप लगे हैं, जिससे समुद्री व्यापार और सुरक्षा के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं।
