Saudi Arabia: सऊदी के नेतृत्व में बनी नई समुद्री सुरक्षा फौज, 39 देशों के अधिकारियों ने संभाला मोर्चा.

सऊदी अरब के नेतृत्व में बनने वाले मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस कोइलिशन यानी एमएमडीसी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। इस गठबंधन ने अपने कमांड, समुद्री संचालन और खुफिया ढांचे में सदस्य देशों के अधिकारियों और कर्मियों को शामिल करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। इस बात की जानकारी 14 अगस्त 2026 को जेद्दा स्थित वेस्टर्न फ्लीट कमांड में हुई तीसरी प्लानिंग मीटिंग के बाद सामने आई, जिसमें कुल 39 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
कमांड और नेतृत्व की नई रूपरेखा
तय की गई नई व्यवस्था के तहत, सऊदी अरब के रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सालेम अल-शहरी को इस गठबंधन का कमांडर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान को शुरुआती कार्यकाल के लिए पहला डिप्टी कमांडर प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस संगठन का आधिकारिक मुख्यालय और इसका लोगो भी पूरी तरह से तय कर लिया गया है। इस बैठक के समय तक कुल 15 देशों ने इस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर कर दिए थे और 13 देशों ने औपचारिक सदस्यता के लिए जरूरी घरेलू प्रक्रियाओं को भी पूरा कर लिया था।
गठन का मुख्य उद्देश्य और सुरक्षा के इंतजाम
सऊदी कैबिनेट की घोषणा के बाद 18 अगस्त 2026 को इस गठबंधन ने औपचारिक रूप से अपना कामकाज शुरू किया था। इसका मुख्य मकसद समुद्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता को बचाना, लाल सागर, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित करना और वैश्विक सप्लाई चेन की रक्षा करना है। सऊदी कैबिनेट ने साफ किया है कि यह गठबंधन पूरी तरह से एक रक्षात्मक इकाई है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत काम करती है।
ईरान के हमलों पर कड़ी आपत्ति
सऊदी सरकार ने वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार का कहना है कि ये हरकतें बेहद खतरनाक हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। इस नई सुरक्षा व्यवस्था से खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले लोगों और समुद्री यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।