सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने हज 1447H के दौरान पवित्र स्थलों में मौसम की निगरानी को लेकर एक बड़ी सफलता का ऐलान किया है। विभाग ने बताया है कि इस बार मौसम के पूर्वानुमानों और असल मौसम के बीच 98% से ज्यादा की सटीकता दर्ज की गई है। इस योजना का उद्देश्य हज यात्रियों को भीषण गर्मी और मौसम के अचानक बदलावों से सुरक्षित रखना और प्रशासन को सही समय पर जानकारी देना था।

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मौसम विभाग ने 98% से ज्यादा सटीकता कैसे हासिल की?

राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि तापमान, हवा की रफ्तार और उमस को लेकर जो भविष्यवाणियां की गई थीं, वे लगभग पूरी तरह सच साबित हुईं। विभाग ने इस सफलता का श्रेय पवित्र स्थानों में सही जगहों पर लगाए गए ऑटोमैटिक और मैन्युअल मौसम स्टेशनों को दिया है। इन स्टेशनों को वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों के आधार पर स्थापित किया गया था जिससे पल-पल की जानकारी बिल्कुल सटीक मिली।

हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए की गई थीं खास तैयारियां

राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अयमन बिन सालेम गुलाम ने कहा कि हज सीजन के लिए तैयारियां काफी पहले से शुरू कर दी गई थीं। मक्का, मदीना और अन्य पवित्र स्थलों में मौसम की निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया गया था। विभाग ने आधुनिक तकनीक, रडार और विशेषज्ञ फील्ड टीमों की मदद से पवित्र स्थलों के ऊपर के वायुमंडल को 100% कवर किया था।

विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता हुसैन बिन मोहम्मद अल-कहतानी ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अन्य सरकारी विभागों के साथ तालमेल बिठाया गया था। मई की शुरुआत से ही तापमान बढ़ने और लू चलने की आशंका को लेकर लगातार अपडेट जारी किए जा रहे थे, जिससे हज यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिली।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब के मौसम विभाग ने हज के दौरान कितनी सटीकता का दावा किया है?

सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने हज 1447H के दौरान मौसम के पूर्वानुमान में 98% से अधिक की सटीकता हासिल करने की घोषणा की है।

मौसम की सटीक जानकारी के लिए क्या तकनीक इस्तेमाल की गई थी?

मौसम विभाग ने पवित्र स्थलों में 100% कवरेज हासिल करने के लिए आधुनिक रडार, ऑटोमैटिक स्टेशन और विशेष जमीनी टीमों का इस्तेमाल किया था।