सऊदी अरब की सरकार अब नियमों को लेकर बहुत सख्त हो गई है. मानव संसाधन मंत्रालय (MHRSD) ने स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके साल 2026 की पहली छमाही में 2 लाख 40 हज़ार से ज़्यादा उल्लंघन पकड़े हैं. इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर कंपनियों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा.

मंत्रालय ने बताया कि इन गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए आधुनिक स्मार्ट इंस्पेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. सरकार का मकसद लेबर लॉ का पालन कराना और नौकरी के नियमों को पारदर्शी बनाना है. इस अभियान के दौरान कई कंपनियों को चेतावनी दी गई और कई के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए.

निरीक्षण और कार्रवाई के आंकड़े

साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) के बीच मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर जांच की, जिसके आंकड़े नीचे दी गई टेबल में हैं:

विवरण आंकड़े
निरीक्षण विज़िट (Inspection Visits) 2,50,000 से ज़्यादा
लेबर लॉ उल्लंघन 1,68,000 से ज़्यादा
जारी की गई चेतावनी 2,30,000 के करीब
सऊदीकरण (Saudization) जांच विज़िट 1,32,000
नकली सऊदीकरण (Sham Saudization) उल्लंघन 13,509
रिक्रूटमेंट ऑफिस उल्लंघन 3,522
रद्द किए गए वीज़ा 7,200 से ज़्यादा

रिक्रूटमेंट सेक्टर में भी बड़ी कार्रवाई हुई है. 5,926 रिक्रूटमेंट ऑफिसों की जांच के बाद 14 ऑफिसों पर एक्शन लिया गया, जिनमें से 11 के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अवैध तरीके से घरेलू कामगारों की सर्विस बेचने वाले 238 अकाउंट्स को बंद कराया गया और मानव तस्करी रोकने के लिए 54,000 मामलों की स्क्रीनिंग की गई.

वर्क परमिट और वीज़ा पर नया अपडेट

प्रवासियों के लिए एक ज़रूरी खबर यह है कि सरकार ने वर्क परमिट ठीक करने की समय सीमा को साल 2026 के अंत तक बढ़ा दिया है. यह उन वर्कर्स के लिए है जिनके वर्क परमिट 6 महीने से ज़्यादा समय पहले खत्म हो चुके थे या जिन्होंने जॉइनिंग के 6 महीने के भीतर परमिट नहीं बनवाया था.

हालांकि, 1 जुलाई 2026 से एक नया नियम लागू हुआ है. अब जिन वर्कर्स का वर्क परमिट 3 महीने से ज़्यादा समय से खत्म है, उन्हें Qiwa प्लेटफॉर्म से उनके एम्प्लॉयर के रिकॉर्ड से अपने आप हटा दिया जाएगा. इस नियम से बचने के लिए कर्मचारी का इकामा (Iqama) कम से कम 180 दिनों के लिए वैध होना ज़रूरी है.

कंपनियों के लिए यह भी ज़रूरी है कि वे 30 जून 2026 तक 90 प्रतिशत एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करें, वरना उन्हें सरकारी सेवाओं में दिक्कत आएगी. रिक्रूटमेंट सेवाओं के लिए अब Musaned प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना होगा, जहाँ इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट और शिकायतों के लिए अलग सिस्टम बनाया गया है.