Saudi Arabia के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जो इंटरनेट पर ऐसी बातें लिख रहे थे जिससे देश की एकता को खतरा हो। कबीलाई झगड़ों और आपसी भेदभाव को बढ़ावा देने वालों को अब जेल जाना पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर किन बातों से बचकर रहना होगा?

मंत्रालय ने साफ किया है कि जो लोग सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री शेयर करेंगे जिससे राष्ट्रीय एकता प्रभावित हो या समाज की शांति खतरे में पड़े, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। खासकर कबीलाई कट्टरता (tribal bigotry) और आपसी नफरत फैलाने वाले बयानों को गंभीरता से लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे हर व्यक्ति पर नजर रख रही हैं जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।

सजा और जुर्माने का क्या प्रावधान है?

सऊदी अरब के कानूनों के तहत ऐसे अपराधों के लिए कड़ी सजा तय की गई है। Anti-Cyber Crime Law के अनुच्छेद 6 के तहत, सार्वजनिक व्यवस्था या धार्मिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने पर 5 साल तक की जेल और 30 लाख (3 million) सऊदी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के नए प्रस्तावित कानून में 1 से 15 साल की जेल और 1 लाख से 10 लाख रियाल तक के जुर्माने का जिक्र है।

राष्ट्रीय एकता के लिए सरकार का क्या कहना है?

सरकार ने बताया कि देश की एकता को मजबूत करना सभी का कर्तव्य है। Basic Law of Governance के मुताबिक, राज्य ऐसी किसी भी गतिविधि को नहीं होने देगा जिससे देश में फूट, विद्रोह या अलगाव पैदा हो। सुरक्षा बल उन सभी लोगों से सख्ती से निपटेंगे जो समाज में नफरत फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट करना मना है?

ऐसी कोई भी सामग्री जो राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुँचाए, समाज की शांति को खतरा पैदा करे या कबीलाई नफरत और भेदभाव को बढ़ावा दे, वह पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इस कानून के तहत अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

Anti-Cyber Crime Law के तहत अधिकतम जुर्माना 30 लाख (3 million) सऊदी रियाल तक हो सकता है और इसके साथ 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।