सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी दवाएं छोड़कर किसी भी अनसाइंटिफिक डाइट को फॉलो न करें. ऐसा करना जानलेवा हो सकता है और इससे सेहत को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है.
दवा छोड़कर डाइट अपनाने का खतरा
8 और 9 जून 2026 को जारी इस चेतावनी में बताया गया कि कई लोग लोकप्रिय डाइट के चक्कर में अपनी ज़रूरी दवाएं, जैसे इंसुलिन और डायबिटीज की दवाएं बंद कर रहे हैं. ऐसा करने से कई मरीज़ों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें इमरजेंसी में ICU में भर्ती करना पड़ा. उनके खून में शुगर का लेवल बहुत ज़्यादा बढ़ गया था.
तय्यिबात डाइट (Tayyibat Diet) पर चेतावनी
मंत्रालय ने खास तौर पर Tayyibat Diet का ज़िक्र किया है और कहा है कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. यह डाइट सेहत के लिए जोखिम भरी हो सकती है. इस डाइट में कुछ चीज़ों को पूरी तरह बंद करने और कुछ को ज़्यादा खाने की सलाह दी जाती है:
- बंद करने वाली चीज़ें: अंडे, चिकन, दालें, ज़्यादातर सब्ज़ियाँ, डेयरी प्रोडक्ट्स और कुछ मछलियाँ.
- खाने वाली चीज़ें: चावल, आलू, रेड मीट, खजूर और कुछ खास तरह के पनीर.
मंत्रालय की सलाह और गाइडलाइंस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी खाने को बिना वजह फायदेमंद या नुकसानदेह न मानें. ज़रूरी फूड ग्रुप्स को हटाने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. साथ ही, चीनी या सैचुरेटेड फैट को ज़्यादा खाने की सलाह मानने से बचें.
मंत्रालय ने कहा है कि सेहत से जुड़ी सही जानकारी के लिए Live Healthy प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें या 937 कॉल सेंटर पर संपर्क करें. किसी भी थेरेप्यूटिक डाइट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या लाइसेंस वाले न्यूट्रिशनिस्ट से ज़रूर मिलें. बिना डॉक्टर के कहे अपनी इलाज की योजना में कोई बदलाव न करें.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बात का समर्थन किया है कि डाइट थेरेपी ज़रूरी है, लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं हो सकती. किसी भी इंसान की सेहत के साथ ऐसा प्रयोग नहीं करना चाहिए जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण न हो.
