सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन लोगों को बड़ी चेतावनी दी है जो बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी दवाइयां छोड़कर डाइट प्लान अपना रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि बिना वैज्ञानिक आधार वाली डाइट अपनाना जानलेवा हो सकता है। खासतौर पर पुरानी बीमारियों की दवा बंद करना सेहत के लिए बड़ा खतरा है।
Ministry of Health ने बताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया या लोकप्रिय डाइट के चक्कर में अपनी इंसुलिन या डायबिटीज की दवाइयां कम कर रहे हैं या पूरी तरह बंद कर रहे हैं। जून 2026 के आसपास जारी इस चेतावनी के मुताबिक, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें इमरजेंसी में ICU में भर्ती करना पड़ा। यह सब तब हुआ जब लोगों ने डॉक्टरी सलाह के बजाय अनजाने डाइट प्लान पर भरोसा किया।
मंत्रालय ने खास तौर पर Tayyibat Diet (जिसे अच्छे भोजन की डाइट भी कहा जाता है) जैसी प्रणालियों का जिक्र किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी डाइट में चीनी और सैचुरेटेड फैट बढ़ाने और फल-सब्जियों को छोड़ने की सलाह दी जाती है, जो विज्ञान के नियमों के खिलाफ है। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है और इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है।
सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय और SFDA (Saudi Food and Drug Authority) ने आम जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- किसी भी भोजन को पूरी तरह से ‘फायदेमंद’ या ‘नुकसानदेह’ मानकर उसे अपनी डाइट से न हटाएं।
- ज्यादा चीनी और सैचुरेटेड फैट का सेवन न करें, क्योंकि इससे शरीर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है।
- एक संतुलित आहार में पर्याप्त सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल होना चाहिए।
- अगर किसी ने अपनी दवा कम की है या बंद की है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ विवियन मोहम्मद वेहबे ने कहा कि ऐसी डाइट अपनाना मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। वहीं पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ अहमद अल-अम्मार ने साफ किया कि टाइप 1 डायबिटीज जैसे मामलों में इंसुलिन का कोई विकल्प नहीं है और दवा छोड़ना बेहद खतरनाक है।
मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी डाइट को शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से मिलें। सही और आधिकारिक जानकारी के लिए Live Healthy प्लेटफॉर्म या 937 कॉल सेंटर की मदद लें ताकि गलत जानकारी का शिकार न हों।
