सऊदी अरब के Ministry of Interior ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं जो नियम तोड़कर रहने वाले प्रवासियों की मदद कर रहे थे। हाल ही में 22 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को पनाह दी या उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने में मदद की। यह कार्रवाई पूरे राज्य में चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।

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भारी जुर्माना और जेल की सजा

सऊदी सरकार ने साफ किया है कि इस तरह की मदद करना एक बड़ा अपराध है और इसे विश्वासघात माना जाता है। पकड़े गए लोगों को 15 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही उन पर 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन उन गाड़ियों और मकानों को भी जब्त कर लेगा जिनका इस्तेमाल अवैध प्रवासियों को रखने या ले जाने के लिए किया गया था।

General Directorate of Passports ने कहा है कि किंगडम में रहने वाले सभी प्रवासियों के पास कानूनी कागजात होने चाहिए। भारत समेत अन्य देशों से आए प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि का हिस्सा न बनें, क्योंकि इसमें पकड़े जाने पर बहुत भारी सजा भुगतनी पड़ सकती है।

लगातार हो रही हैं गिरफ्तारियाँ

सऊदी अरब में ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान लगातार चल रहा है। पिछले कुछ समय के आंकड़ों के मुताबिक कई गिरफ्तारियां हुई हैं:

  • 11 से 17 जून 2026 के बीच 24 लोग गिरफ्तार हुए।
  • 4 से 10 जून 2026 के बीच 18 लोगों को पकड़ा गया।
  • 12 से 18 मार्च 2026 के बीच 36 लोगों पर कार्रवाई हुई।
  • अगस्त और सितंबर 2024 के बीच 11 लोग हिरासत में लिए गए।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी ऐसी गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तुरंत रिपोर्ट करें। मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांतों के लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। बाकी इलाकों के लोग 999 या 996 नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.