सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने उन लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है जो अवैध प्रवासियों को पनाह दे रहे थे। मंत्रालय ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन करने वालों को ठिकाना और सवारी देने में मदद की। यह कार्रवाई पूरे देश में चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है।

इन गिरफ्तार लोगों पर अब गंभीर कानूनी कार्रवाई होगी। सऊदी कानून के मुताबिक, ऐसे दोषियों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा, प्रशासन उन गाड़ियों और घरों को भी जब्त कर लेगा जिनका इस्तेमाल अवैध प्रवासियों को रखने या लाने-ले जाने के लिए किया गया था। अगर पकड़े गए लोग विदेशी नागरिक हैं, तो उन्हें सजा काटने के बाद उनके देश वापस भेज दिया जाएगा (deportation)।

जुलाई के अभियान में बड़ी संख्या में हुई गिरफ्तारियां

सऊदी अरब में निवास, श्रम और सीमा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह crackdown लगातार जारी है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक:

  • 18 से 24 जून, 2026 के बीच कुल 15,200 से ज्यादा उल्लंघन पकड़े गए।
  • इनमें 7,589 निवास (residency) नियम, 4,443 सीमा सुरक्षा और 3,199 श्रम कानून के उल्लंघन शामिल थे।
  • इसी हफ्ते 22 लोगों को अवैध प्रवासियों को नौकरी देने या उन्हें पनाह देने के आरोप में पकड़ा गया।
  • इससे पहले 11 से 17 जून के बीच भी 15,288 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 24 लोग प्रवासियों की मदद करने वाले थे।

यह पूरा ऑपरेशन सऊदी आंतरिक मंत्रालय और देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर चलाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध प्रवासियों को शरण देना एक बड़ा अपराध है और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

कैसे करें शिकायत

मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। इसके लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत: इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल करें।
  • बाकी अन्य इलाके: नंबर 999 और 996 पर सूचना दें।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.