सऊदी अरब के घरेलू कामगार सेवाओं के प्लेटफॉर्म Musaned ने अनुपस्थित कामगारों की रिपोर्ट करने और नए वीज़ा लेने के नियमों में बदलाव किया है। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने ये कदम उठाए हैं ताकि नियोक्ता और कामगार दोनों के अधिकारों की रक्षा हो सके। इससे अब कामगारों के गायब होने या नौकरी छोड़ने पर कानूनी प्रक्रिया आसान हो जाएगी और प्रवासियों को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका मिलेगा।

काम रोकने की रिपोर्ट के लिए नई सुविधा

मंत्रालय ने फरवरी 2026 से Musaned प्लेटफॉर्म पर ‘Work Interruption Service’ शुरू की है। अब अगर कोई घरेलू कामगार बिना बताए काम पर आना बंद कर देता है, तो नियोक्ता ऑनलाइन तरीके से उसकी रिपोर्ट कर सकता है और कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर सकता है।

  • नियोक्ता रिपोर्ट तभी कर सकता है जब कामगार का कॉन्ट्रैक्ट Musaned पर दर्ज हो और कोई विवाद लंबित न हो।
  • अगर रिपोर्ट प्रोबेशन पीरियड के दौरान की गई है, तो बॉर्डर नंबर या रेजिडेंसी नंबर काफी होगा।
  • रिपोर्ट दर्ज करने के 15 दिनों के भीतर उसे वापस लिया जा सकता है, लेकिन 15 दिन बाद यह फाइनल हो जाएगी।
  • अगर कामगार को सऊदी अरब आए 90 दिन नहीं हुए हैं, तो रिपोर्ट वापस नहीं ली जा सकती।

अनुपस्थित कामगारों के लिए 60 दिनों का नियम

काम रोकने की रिपोर्ट के बाद कामगारों के लिए समय सीमा तय की गई है। अगर कामगार को आए 2 साल से कम समय हुआ है, तो उसे 60 दिनों के भीतर फाइनल एग्जिट की प्रक्रिया पूरी कर देश छोड़ना होगा। वहीं, जिन्हें आए 2 साल से ज्यादा समय हो गया है, उनके पास 60 दिन का समय होगा कि वे या तो देश छोड़ें या किसी नए नियोक्ता के पास अपनी सर्विस ट्रांसफर करा लें। अगर 60 दिन बाद भी स्थिति ठीक नहीं हुई, तो उन्हें कानून का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा।

स्टेटस ठीक करने की सुविधा

MHRSD ने ‘Regularization of Absconding Domestic Workers Status’ पहल को आगे बढ़ाया है। इस योजना के तहत वे कामगार जिनकी रेजिडेंसी खत्म हो गई है या जिन्हें अनुपस्थित बताया गया है, वे Musaned प्लेटफॉर्म के जरिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया से नए नियोक्ता के पास जा सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा उन लोगों के लिए नहीं है जिन्हें इस घोषणा के बाद अनुपस्थित रिपोर्ट किया गया है।

सैलरी देने का नया अनिवार्य तरीका

मंत्रालय ने घरेलू कामगारों की सैलरी के लिए ‘Wage Protection Service’ (WPS) लागू की है। अब सैलरी का भुगतान डिजिटल वॉलेट और मान्यता प्राप्त बैंकों के जरिए ही करना होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

नियोक्ता की श्रेणी लागू होने की तारीख़
नए कॉन्ट्रैक्ट वाले कामगार 1 जुलाई 2024
4 से ज़्यादा कामगार वाले नियोक्ता 1 जनवरी 2025
3 या उससे ज़्यादा कामगार वाले नियोक्ता 1 जुलाई 2025
2 या उससे ज़्यादा कामगार वाले नियोक्ता 1 अक्टूबर 2025
सभी नियोक्ता (पूर्ण लागू) 1 जनवरी 2026
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.