सऊदी अरब के नजरां में हूती आतंकियों का हमला, 11 लोग हुए घायल, मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने की कड़ी निंदा

सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके नजरां में हूतियों ने एक बड़ा आतंकी हमला किया है। 7 अगस्त 2026 को हुए इस मिसाइल और ड्रोन हमले में कुल 11 आम नागरिक घायल हो गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले की कड़ी निंदा की जा रही है।
हमले का विवरण और घायलों की स्थिति
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस हमले में घायल होने वाले लोगों में सात सऊदी नागरिक शामिल हैं। घायलों में एक महिला और चार साल का एक मासूम बच्चा भी है, जो हमले की चपेट में आने से दूसरी डिग्री तक झुलस गया है। इसके अलावा, हमले में एक यमनी, दो मिस्र के नागरिक और एक पाकिस्तानी नागरिक भी घायल हुआ है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों और नागरिक वस्तुओं को निशाना बनाना पूरी तरह से गलत है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया
मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसकी निंदा की है। संस्था के महासचिव और एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के चेयरमैन शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने स्पष्ट किया कि नागरिकों पर बार-बार होने वाले ये हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक रिपोर्ट में देखी जा सकती है।
केवल मुस्लिम वर्ल्ड लीग ही नहीं, बल्कि अरब लीग ने भी इस हमले पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की है। अरब लीग के महासचिव नबील फहमी ने कहा कि हूतियों की यह हरकत क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालती है। वहीं, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी नजरां के साथ-साथ यमन के मारिब और हद्रमूत में हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे एक खतरनाक कदम बताया है जो पूरे क्षेत्र के अमन-चैन को बिगाड़ सकता है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है। हूतियों द्वारा लगातार किए जा रहे इस तरह के हमलों ने आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी, विशेषकर भारतीय, जो इस क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर निर्भर हैं, इस तरह की घटनाओं से काफी चिंतित हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और भविष्य में होने वाले किसी भी खतरे को टालने की कोशिश में जुटी हैं।