सऊदी अरब मौसम विभाग की चेतावनी, इस साल सितंबर से नवंबर तक सामान्य से अधिक रहेगा तापमान और बारिश.

सऊदी अरब में रहने वाले लोगों और प्रवासी कामगारों के लिए मौसम को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। National Center of Meteorology (NCM) ने आगामी ऑटम यानी पतझड़ के मौसम यानी साल 2026 के लिए अपना आधिकारिक क्लाइमेट आउटलुक जारी किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर से नवंबर के दौरान पूरे किंगडम में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है और साथ ही अलग-अलग हिस्सों में बारिश भी देखने को मिलेगी। इस संबंध में अधिक जानकारी आप Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
तापमान में होगी भारी बढ़ोतरी
मौसम विभाग की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में सतह का तापमान दीर्घकालिक औसत से 60% से 80% तक ऊपर जाने की संभावना है। असिर, नजरान और दक्षिण-पश्चिम रियाद के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के प्रवक्ता हुसैन अल-कहतानी ने जानकारी दी कि मौसमी गर्मी का दौर अब कुछ ही दिनों में समाप्त होने वाला है और आधिकारिक तौर पर ऑटम का मौसम 1 सितंबर से शुरू हो जाएगा।
सितंबर महीने में रहेगी सबसे ज्यादा गर्मी
विभाग का अनुमान है कि आने वाला महीना यानी सितंबर बेहद गर्म रहने वाला है। इस दौरान ऐतिहासिक औसत से तापमान अधिक रहने की संभावना 80% तक जताई गई है। गर्मी का यह दौर सिर्फ सितंबर तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि अक्टूबर और नवंबर के महीनों में भी जारी रहेगा। इन दोनों महीनों के दौरान सामान्य से अधिक गर्मी बने रहने की संभावना 40% से 80% के बीच आंकी गई है, जिससे आम जनजीवन और बाहर काम करने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बारिश और बादलों को लेकर नया अपडेट
गर्मी के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश होने की भी भविष्यवाणी की है। भारी बारिश और बौछारें पड़ने की सबसे ज्यादा संभावना सितंबर और अक्टूबर के महीनों में है। इसके बाद नवंबर के महीने में जाजान, असिर, अल-बहा, मक्का, अल-जौफ, हैल, अल-कासिम, रियाद और पूर्वी प्रांत यानी Eastern Province में अच्छी खासी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 25 अगस्त 2026 तक अधिकारियों ने कुल सात क्षेत्रों में घने बादल छाए रहने की बात कही है, जबकि पूर्वी प्रांत में अभी भी अधिकतम तापमान काफी ज्यादा बना हुआ है। मौसम के इन बदलावों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और वहां रहने वाले सभी लोगों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।