सऊदी अरब में अब ऑफिस जाने वालों को अपने पहनावे और व्यवहार का खास ख्याल रखना होगा। सरकार ने साफ किया है कि एंटी-करप्शन कमीशन (Nazaha) और मानव संसाधन मंत्रालय मिलकर इस बात की निगरानी करेंगे कि ऑफिस में पेशेवर नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। यह नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के कर्मचारियों पर लागू होंगे।
क्या है नए ड्रेस कोड के नियम
सरकार ने कर्मचारियों के लिए पहनावे से जुड़े कुछ खास निर्देश तय किए हैं। इसके तहत सऊदी पुरुषों के लिए पारंपरिक थोब (Thawb) के साथ गुत्रा या शमाग पहनना जरूरी होगा। वहीं, दूसरे देशों से आए प्रवासियों (Expats) के लिए फॉर्मल बिजनेस ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा।
महिला कर्मचारियों, चाहे वे सऊदी हों या विदेशी, उनके लिए शालीन, ढीले और बिना पारदर्शी कपड़े पहनने का निर्देश दिया गया है। इन नियमों का मकसद ऑफिस में एक जैसा अनुशासन बनाए रखना और राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित रखना है।
व्यवहार और स्वच्छता पर भी जोर
सिर्फ कपड़ों ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और ऑफिस में पेश आने के तरीके पर भी ध्यान दिया जाएगा। नियमों के मुताबिक, ऑफिस में किसी भी तरह के राजनीतिक, विचारधारा वाले या आपत्तिजनक प्रतीकों वाले कपड़े या सामान पहनना मना होगा।
यह जिम्मेदारी कंपनियों और नियोक्ताओं की होगी कि वे अपने ऑफिस में इन गाइडलाइन्स को लागू करें। अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं कराती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
Nazaha की बढ़ती सख्ती
यह निगरानी Nazaha द्वारा की जाएगी, जो पहले से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। हाल ही में Nazaha ने हजारों निरीक्षण किए और रिश्वतखोरी तथा पद के गलत इस्तेमाल के आरोप में कई सरकारी कर्मचारियों को हिरासत में लिया। अब इस संस्था की जिम्मेदारी कार्यस्थलों पर अनुशासन और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने की भी होगी।