सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस को 30 जुलाई 2026 को सीरिया के राष्ट्रपति का फोन आया। इस बातचीत के दौरान सीरियाई राष्ट्रपति ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए ड्रोन हमलों की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की। ये हमले 28 और 29 जुलाई को किंगडम के पूर्वी क्षेत्र में किए गए थे।
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हमलों पर सऊदी मंत्रालय का सख्त रुख
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के लिए ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है जो इराक के क्षेत्र से सक्रिय हैं। सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने इन ड्रोन्स को हवा में ही नाकाम कर दिया, जिससे किसी भी तरह का नुकसान या जनहानि नहीं हुई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब के पास अपनी सीमा और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
कैबिनेट की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
इससे पहले 28 जुलाई को क्राउन प्रिंस की अध्यक्षता में हुई सऊदी कैबिनेट की बैठक में यमन और इराक से संचालित इन आतंकवादी समूहों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया था। सऊदी सरकार ने इराक से कहा है कि वह अपनी जमीन को सऊदी अरब के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल न होने दे। इस घटना पर बहरीन, कतर, कुवैत, मुस्लिम वर्ल्ड लीग और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल जैसे कई देशों और संगठनों ने भी एकजुटता जाहिर की है।
