दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और Strait of Hormuz का बंद होना है। हाल ही में सऊदी अरब की मुख्य ऑयल पाइपलाइन पर हुए हमले ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है, जिससे अब वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मची हुई है।

पाइपलाइन पर हमले से क्या असर हुआ?

8 अप्रैल 2026 को ईरान के IRGC ने सऊदी अरब की East-West ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए तेल निर्यात का सबसे बड़ा रास्ता है। इस पाइपलाइन के जरिए करीब 7 मिलियन बैरल तेल हर दिन गुजरता है, जिसमें से 5 मिलियन बैरल बाहर भेजा जाता है और 2 मिलियन बैरल देश के अंदर इस्तेमाल होता है। हमले के बाद तेल की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

एक्सपर्ट्स और अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?

Saudi Aramco के CEO Amin Nasser ने चेतावनी दी कि अगर Strait of Hormuz लंबे समय तक बंद रहा, तो इसके नतीजे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत खराब होंगे। उन्होंने बताया कि ग्लोबल ऑयल इन्वेंट्री पिछले पांच साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। वहीं मार्केट एक्सपर्ट Vandana Hari का कहना है कि आने वाले समय में इस रास्ते के खुलने की उम्मीद बहुत कम है।

इस संकट का अन्य देशों और व्यापार पर क्या प्रभाव है?

Strait of Hormuz में रुकावट के कारण अब व्यापार के रास्ते बदल रहे हैं। इस स्थिति में Oman का Salalah पोर्ट एक मुख्य केंद्र बनकर उभरा है क्योंकि अब व्यापार के लिए नए रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और तेल की कीमतों में तेजी जारी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.