Saudi पर मिसाइल हमला, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में तेल टैंकर को बनाया निशाना, बढ़ गई टेंशन.

लाल सागर में समुद्री तनाव एक बार फिर से काफी ज्यादा बढ़ गया है और यमन के हूती विद्रोही समूह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने उत्तरी लाल सागर में यानबू तट के पास सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर हमला कर दिया है। इस हमले के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है और विद्रोही समूह का कहना है कि उन्होंने सऊदी अरब के तेल टैंकर 'वफ़ा' को पूरी तरह से निशाना बनाया है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही समुद्री इलाकों में सफर करने वाले लोगों और व्यापार से जुड़े अधिकारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक, हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने यह दावा किया है कि दागी गई मिसाइलों ने तेल टैंकर को बिल्कुल सटीक रूप से जाकर निशाना बनाया है।
नाकेबंदी की रणनीति के तहत हो रहे हैं हमले
हूती विद्रोहियों का ऐसा कहना है कि यह पूरा हमला उनकी तरफ से चलाई जा रही नाकेबंदी की रणनीति का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। समूह की ओर से यह जानकारी दी गई है कि उन्होंने 22 जुलाई से एक नया अभियान शुरू किया है और इस अभियान के तहत अब तक कुल आठ सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा चुका है। विद्रोही प्रवक्ता याह्या सरी ने यह भी बहुत बड़ा दावा किया है कि इस तय अवधि के दौरान कुल 29 सऊदी तेल टैंकरों को लाल सागर और अरब सागर के रास्तों से गुजरने से रोक दिया गया है या फिर उन्हें अपना पुराना रास्ता बदलकर किसी दूसरे मार्ग से जाने के लिए पूरी तरह से मजबूर होना पड़ा है। उनके अनुसार, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में लगातार बढ़ते हुए खतरों की वजह से ही सऊदी अरब की सरकार ने अपने तेल टैंकरों का रास्ता पूरी तरह से बदल दिया है और उन्हें अब उत्तरी लाल सागर की ओर भेजना शुरू कर दिया है।
सऊदी अरब की तरफ से अभी तक नहीं आया कोई बयान
हूती प्रवक्ता ने यह कड़ी चेतावनी भी दी है कि उनका यह समूह आने वाले समय में उत्तरी लाल सागर के अंदर सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने वाली इन सभी कार्रवाइयों को न केवल जारी रखेगा बल्कि इसे और भी ज्यादा तेज़ कर देगा। हालांकि, सबसे बड़ी बात यह है कि सऊदी अरब की सरकार या फिर किसी भी आधिकारिक अधिकारी की तरफ से इन सभी दावों पर अभी तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके अलावा, तेल टैंकर पर हुए इस कथित हमले और इसकी वजह से जो भी संभावित नुकसान हुआ है, उसकी अभी तक किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस पूरे मामले पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि लाल सागर का यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां होने वाली हर हलचल का सीधा असर आम जनता की जिंदगी और बाजार पर पड़ता है।