सऊदी अरब से दो तेल टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हुए हैं। यह पहली बार है जब फरवरी के बाद से अमेरिका को इस तरह का शिपमेंट भेजा गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन जहाजों का अमेरिकी बाजार की तरफ बढ़ना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौता और तेल निर्यात

यह बढ़ता हुआ निर्यात अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2026 को हुए एक अंतरिम शांति समझौते के बाद मुमकिन हुआ है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के आने-जाने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद सऊदी अरब ने अपने कच्चे तेल के निर्यात में काफी तेजी ला दी है।

  • निर्यात की स्थिति: 2 जुलाई 2026 तक सऊदी अरब का तेल निर्यात 63 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुँच गया था।
  • जहाजों की आवाजाही: 2 जुलाई को सऊदी की कंपनी Bahri के चार सुपरटैंकर लगभग 80 लाख बैरल तेल लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकले।
  • OPEC+ का फैसला: 5 जुलाई 2026 को सऊदी अरब समेत सात OPEC+ देशों ने अगस्त के लिए तेल उत्पादन में 1 लाख 88 हजार बैरल प्रतिदिन की मामूली बढ़ोतरी करने का फैसला किया।

सुरक्षा और सैन्य अपडेट

जहाँ एक तरफ तेल का व्यापार बढ़ रहा है, वहीं सुरक्षा को लेकर भी कुछ खबरें आई हैं। ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी टैंकरों को उनके द्वारा तय किए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बहरीन में मध्य पूर्वी देशों के अधिकारियों के साथ बैठक की और व्यापार के रास्ते खुला रखने की बात कही।

इसी बीच, यह खबर भी सामने आई है कि अमेरिका सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस से अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने पर विचार कर रहा है। यह कदम मई 2026 में अमेरिकी युद्धक विमानों की उड़ानों पर रोक लगाने के बाद उठाया जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.