अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक बड़े समझौते के बाद सऊदी अरब के तीन बड़े तेल टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार किया है। इन जहाजों में करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। यह घटना उस समय हुई जब दोनों देशों ने युद्ध खत्म करने और समुद्री रास्ता खोलने पर सहमति जताई।

🗞️: US और Iran के बीच बड़ा समझौता, युद्ध खत्म करने के लिए साइन हुआ MOU, अब सस्ता होगा तेल और खुलेगा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बुधवार, 17 जून 2026 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस डील का मकसद सैन्य अभियानों को तुरंत रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और कतर ने इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

गुरुवार, 18 जून को सऊदी अरब के तीन सुपरटैंकर Awtad, Jaham और Shaden इस रास्ते से गुजरे। बता दें कि तनाव की वजह से सऊदी अरब अपना तेल लाल सागर के यनबू (Yanbu) टर्मिनल से भेज रहा था। कई हफ्तों बाद यह पहली बार है कि इतनी बड़ी मात्रा में तेल इस रास्ते से ले जाया गया है।

समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक जहाजों को बिना किसी शुल्क के इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि 60 दिनों के बाद ईरान सर्विस फीस लेगा। वहीं अमेरिका का कहना है कि यह रास्ता हमेशा मुफ्त रहना चाहिए।

इस डील में अमेरिका ने ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का वादा किया है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने वादे पूरे नहीं किए, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई और नाकाबंदी शुरू कर देगा।

इधर, जहाँ एक तरफ यह शांति समझौता हुआ है, वहीं 18 जून को इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में नए हवाई हमले किए हैं। इस वजह से पूरे क्षेत्र में समझौते की शर्तों को लागू करने पर सवाल उठ रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.