सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बदर बिन हमद बिन हमूद अल बुसाइड ने 20 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत की। इस कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे तनाव और उसे कम करने के लिए किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की। यह बातचीत एक ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए कई बड़े देशों के बीच हलचल मची हुई थी।
सऊदी और ओमान की बातचीत का मुख्य मकसद क्या था?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने फोन पर क्षेत्रीय स्थिति के ताजा घटनाक्रमों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनयिक कोशिशों के जरिए तनाव को कम किया जाए। बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ावा देना और आपसी सहयोग के जरिए स्थिरता लाना था ताकि आने वाले समय में विवादों को बातचीत से सुलझाया जा सके।
क्षेत्रीय हालात और अन्य देशों की क्या भूमिका रही?
इस बातचीत के समय कई अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी हो रहे थे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ईरान युद्ध को खत्म करने पर चर्चा की। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच भी युद्धविराम की कोशिशें चल रही थीं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने भी 19 अप्रैल को रियाद का दौरा किया और द्विपक्षीय संबंधों और ऊर्जा सहयोग पर बात की।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य वार्ताकार | प्रिंस फैसल बिन फरहान (सऊदी) और सय्यद बदर अल बुसाइड (ओमान) |
| बातचीत की तारीख | 20 अप्रैल 2026 |
| चीन का प्रयास | राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने समुद्री सुरक्षा और शांति पर चर्चा की |
| भारत का दौरा | NSA अजीत डोवल ने रियाद में सऊदी अधिकारियों से मुलाकात की |
| अमेरिका-ईरान | युद्धविराम और बातचीत के लिए प्रयास जारी रहे |
| लीबिया बजट | 2026 के एकीकृत बजट पर सऊदी अरब ने अपनी सहमति जताई |
| लेबनान-इसराइल | दुश्मनी खत्म करने के लिए बातचीत की घोषणा हुई |
