सऊदी अरब और ओमान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए कूटनीति को सबसे जरूरी बताया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री और ओमान के उनके समकक्ष के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इस जलमार्ग में बढ़ रहे तनाव के बीच यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है।
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क्षेत्रीय मध्यस्थता की कोशिशें
ओमान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ओमान और ईरान के बीच हालिया बातचीत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री सीमाओं को फिर से खोलने को लेकर प्रगति की खबरें सामने आई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने बताया कि जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, हालांकि तेहरान में सुरक्षित नौवहन के लिए तकनीकी चर्चाएं हुई हैं। ईरान की ओर से पारगमन के लिए ‘सर्विस फीस’ की मांग की जा रही है और देश वैकल्पिक गलियारों का विरोध कर रहा है। ओमान ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर सभी पक्षों के साथ तटस्थ रहकर काम करने की बात कही है।
तनाव के बीच सुरक्षा की चिंता
क्षेत्रीय देशों के बीच भी लगातार संपर्क बना हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के अधिकारियों ने भी हाल ही में स्थिरता को लेकर चर्चा की है। कतर के प्रधानमंत्री ने भी यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ बातचीत में सुरक्षित नौवहन के महत्व पर जोर दिया। तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान के Revolutionary Guards ने southern Strait में चार जहाजों को ‘असुरक्षित रूट’ अपनाने के आरोप में रोक लिया और चेतावनी के लिए फायरिंग की। दूसरी ओर, अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर स्ट्राइक रोक दी है और कूटनीतिक बातचीत जारी रखने की बात कही है। US Central Command के अनुसार, 25 जुलाई से अब तक 12 कमर्शियल जहाजों को ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी के नियमों का पालन न करने के कारण डायवर्ट किया गया या बोर्ड किया गया है।
