ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए Pakistan एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। सऊदी अरब और कतर जैसे प्रभावशाली देश इस कोशिश का पूरा समर्थन कर रहे हैं। 11 मई 2026 को सऊदी विदेश मंत्री ने इस बारे में पाकिस्तान के साथ अहम चर्चा की ताकि पूरे क्षेत्र में स्थिरता और शांति वापस लौट सके।
सऊदी और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई?
11 मई 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Muhammad Ishaq Dar से फोन पर बात की। इस बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान द्वारा कराई जा रही मध्यस्थता थी। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विवादों को बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से ही सुलझाया जाना चाहिए। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि उसी दिन प्रिंस फैसल ने ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi से भी बात की ताकि मौजूदा स्थिति और बातचीत की प्रगति को समझा जा सके।
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की वर्तमान स्थिति क्या है?
पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। इस प्रयास में कतर का भी साथ मिला है, जहाँ 10 मई 2026 को कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif से चर्चा की और इस पहल का समर्थन किया।
- 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया था।
- 10 मई 2026 को ईरान ने अमेरिका के एक प्रस्ताव का जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा था।
- हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के इस जवाब को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच क्या भूमिका निभा रहा है?
पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच एक न्यूट्रल मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है ताकि कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद सुलझ सकें और क्षेत्र में स्थिरता आए।
क्या सऊदी अरब और कतर इस मध्यस्थता का समर्थन कर रहे हैं?
हाँ, सऊदी अरब के विदेश मंत्री और कतर के प्रधानमंत्री दोनों ने पाकिस्तानी नेतृत्व की इन कोशिशों पर चर्चा की है और अपना पूरा समर्थन दिया है।
