सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री Ishaq Dar के बीच सोमवार, 11 मई 2026 को फोन पर खास बातचीत हुई। इस कॉल में मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी और उसमें पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस लाने के लिए राजनयिक रास्तों को सबसे जरूरी बताया।

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सऊदी और पाकिस्तान की बातचीत में किन बातों पर जोर दिया गया?

इस फोन कॉल के दौरान सऊदी और पाकिस्तान के नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

  • Pakistan की भूमिका: Pakistan अमेरिका और ईरान के बीच एक न्यूट्रल मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है, जिसकी सऊदी अरब ने तारीफ की।
  • क्षेत्रीय स्थिरता: Prince Faisal bin Farhan ने कहा कि वे उन सभी कोशिशों का समर्थन करते हैं जिससे इलाके में शांति आए।
  • समुद्री सुरक्षा: दोनों मंत्रियों ने Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया।

अमेरिका और ईरान के विवाद की ताजा स्थिति क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर चल रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रम काफी तनावपूर्ण रहे हैं। 10 मई 2026 को ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेजा था। हालांकि, 11 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस जवाब को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया।

ईरान की ओर से कुछ प्रस्ताव रखे गए हैं, जिनमें यूरेनियम संवर्धन को 5 साल तक रोकने की बात शामिल है। लेकिन ईरान ने 20 साल के मोरेटोरियम और अपने अंडरग्राउंड न्यूक्लियर प्लांट को हटाने से मना कर दिया है। ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंध हटाए और उसके फ्रीज किए गए फंड्स को वापस करे।

इस पूरे मामले में अन्य देश भी शामिल हैं। तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan भी 12 मई 2026 को दोहा जा रहे हैं, जहां वे खाड़ी की सुरक्षा और ईरान विवाद पर चर्चा करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा है?

Pakistan ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि फिलहाल युद्ध का कोई तत्काल खतरा नहीं है, क्योंकि वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही राजनयिक समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 5 साल तक रोकने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इसके बदले में वह प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज किए गए फंड्स तक पहुंच और युद्ध मुआवजे की मांग कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.