इस्लामाबाद में सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक 29 मार्च 2026 से 30 मार्च 2026 तक चलेगी। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रही जंग को रोकना और शांति बहाली के रास्तों पर चर्चा करना है। यह बैठक पहले तुर्की में होनी थी, लेकिन पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री Ishaq Dar के अनुरोध और पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका के कारण इसे इस्लामाबाद में आयोजित किया जा रहा है।

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बैठक का मुख्य एजेंडा और किन मुद्दों पर होगी बात?

इस बैठक में शामिल होने वाले देश मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव को कम करने पर ध्यान दे रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने बताया कि नेताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से बात होगी।

  • क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाशना।
  • शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नया तंत्र तैयार करना।
  • ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर चर्चा।
  • ईरान के साथ चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए ईमानदारी और संजीदगी से काम करना।
  • क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए साझा रणनीति बनाना।

बैठक में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल हो रहे हैं?

इस बैठक की मेज़बानी पाकिस्तान कर रहा है और इसमें सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के महत्वपूर्ण नेता मौजूद हैं। शनिवार और रविवार को सभी प्रतिनिधि इस्लामाबाद पहुंचे।

देश प्रतिनिधि का नाम
Saudi Arabia Prince Faisal bin Farhan Al Saud
Pakistan Ishaq Dar (उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री)
Turkey Hakan Fidan
Egypt Dr. Badr Abdelatty

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस बैठक से पहले शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति के साथ फोन पर विस्तृत चर्चा की है। वह जल्द ही इन सभी मेहमान विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक का असर सीधे तौर पर गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है, क्योंकि कूटनीतिक कोशिशों का उद्देश्य जंग के खतरों को कम करना है।