सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार के बीच गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत और दोहा में हुई मीटिंग के नतीजों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के मंत्रियों ने इस मामले में हुई तरक्की पर खुशी जताई है।

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दोहा में हुई इस मीटिंग में पाकिस्तान और कतर ने बीच-बचाव का काम किया। दोनों मंत्रियों ने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में और अच्छे नतीजे मिलेंगे।

इस दौरान जून में हुए ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (MoU) पर भी बात हुई। इस समझौते में कुछ खास बातें शामिल थीं:

  • अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम करना ताकि लड़ाई रुक सके।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना।
  • स्थायी शांति के लिए बातचीत का एक समय तय करना।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल ने इस काम में पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है।

बातचीत में ईरान की उन 6 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई, जिससे ईरान अपनी ज़रूरत का ज़रूरी सामान खरीद सकेगा। साथ ही, बातचीत के लिए एक ऐसा रास्ता बनाया गया है जिससे समझौते के उल्लंघन की रिपोर्ट दी जा सके।

अगले दौर की बातचीत ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की रस्मों के बाद जल्द से जल्द शुरू होगी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान का परमाणु हथियार मुक्त होने की प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है।