Saudi Passports Directorate: सऊदी अरब में नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई, एक महीने में 24 हजार से ज्यादा लोगों को सजा.

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी जनरल डायरेक्टरेट ऑफ पासपोट्स ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 24,417 प्रशासनिक फैसले लिए हैं। यह कार्रवाई हिजरी महीने सफर यानी 15 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 के बीच की अवधि में की गई है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में बने प्रशासनिक समितियों ने नियमों को तोड़ने वालों पर जेल, जुर्माना और देश से बाहर भेजने जैसी कड़ी कार्रवाई की है।
कड़े नियमों के दायरे में आने वाले उल्लंघन
सऊदी अरब सरकार देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बेहद सख्त नियम लागू कर चुकी है। जिन लोगों पर यह कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से रेजिडेंसी यानी इक़ामा, श्रम कानून और बॉर्डर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए थे। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में अवैध रूप से रहना या काम करना अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पकड़े गए लोगों को तुरंत प्रशासनिक समितियों के सामने पेश किया गया, जहां उनके मामलों की सुनवाई के बाद सजा तय की गई।
प्रवासियों के लिए विशेष चेतावनी और निर्देश
सऊदी प्रशासन ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे किसी भी नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को शरण न दें, न ही उन्हें नौकरी पर रखें और न ही उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करें। अगर कोई भी व्यक्ति ऐसे मामलों में शामिल पाया जाता है, तो उसे भी कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी। यह नियम भारत और अन्य देशों से नौकरी की तलाश में जाने वाले प्रवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी उनके लिए भारी मुसीबत बन सकती है।
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर
आम जनता को जागरूक करने और देश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि की तुरंत जानकारी दें। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांतों के लोग आपातकालीन स्थिति में 911 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा किंगडम के बाकी अन्य क्षेत्रों में लोग 999 नंबर पर संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले यानी व्हिसलब्लोअर की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें किसी भी तरह की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।