सऊदी अरब ने Côte d’Ivoire से आने वाले हाजियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। सऊदी अधिकारियों की टीमें वहां पहुंचकर तीर्थयात्रियों की मदद कर रही हैं। इस पहल का मकसद है कि हाजियों को सऊदी पहुंचने पर कोई परेशानी न हो और वे सुकून से अपनी इबादत कर सकें।

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मक्का रूट पहल के तहत हाजियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?

सऊदी सरकार ‘मक्का रूट’ पहल के जरिए तीर्थयात्रियों के सफर को सरल बना रही है। इसके तहत कई जरूरी काम सऊदी पहुंचने से पहले ही निपटा लिए जाते हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा: हाजियों को अपने देश में ही इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा मिल जाएगा।
  • एयरपोर्ट पर प्रक्रिया: पासपोर्ट की जांच और अन्य कागजी कार्रवाई Côte d’Ivoire के एयरपोर्ट पर ही पूरी कर ली जाएगी।
  • सामान की सुविधा: सामान की टैगिंग और छंटाई एयरपोर्ट पर ही होगी।
  • सीधा परिवहन: सऊदी अरब पहुंचने के बाद हाजियों को सीधे मक्का और मदीना के होटलों में ले जाया जाएगा, जबकि उनका सामान अलग से उनके ठहरने की जगह पहुंचाया जाएगा।

यात्रा को आसान बनाने के लिए कौन सी तकनीक और टीमें जुड़ी हैं?

इस पूरी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए Saudi Data & AI Authority (SDAIA) ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं:

  • आधुनिक सिस्टम: बॉर्डर, हज और पैसेंजर रजिस्ट्रेशन के लिए खास सिस्टम और सामान के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग किया गया है।
  • भाषा की सुविधा: यात्रियों की मदद के लिए सऊदी कर्मी अरबी, फ्रेंच और इंग्लिश भाषाओं में सेवाएं दे रहे हैं।
  • शामिल विभाग: इस काम में सऊदी विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय, और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण जैसी संस्थाएं जुड़ी हैं।
  • स्थानीय सहयोग: Côte d’Ivoire के हज कमीशन और COSIM जैसे संगठन भी इस व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Côte d’Ivoire से कितने हाजियों के जाने का कोटा तय किया गया है

Côte d’Ivoire के आंतरिक मंत्री वागोंडो डियोमांडे के अनुसार, कुल 10,000 हाजियों का कोटा है, जिसमें 7,000 सरकारी और 3,000 निजी ऑपरेटरों के हाजी शामिल हैं।

मक्का रूट पहल के तहत सामान की क्या व्यवस्था है

हाजियों के सामान की टैगिंग और छंटाई उनके देश के एयरपोर्ट पर ही हो जाती है और सऊदी पहुंचने पर सामान सीधे उनके होटल तक पहुंचाया जाता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.