सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने अपने भविष्य के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. फंड के बोर्ड ने 2026 से 2030 तक की नई रणनीति को मंजूरी दे दी है. इस नए प्लान का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना और निवेश के नए मौके पैदा करना है. यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में लिया गया.

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PIF की नई रणनीति 2026-2030 में क्या खास है?

यह रणनीति अब तेजी से बढ़ने के बजाय सही तरीके से वैल्यू बनाने पर ध्यान देगी. गवर्नर यासिर अल-रुमैयन ने बताया कि यह कदम पार्टनर कंपनियों को बेहतर संपत्ति में निवेश करने का मौका देगा. इसमें सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इसका मुख्य लक्ष्य सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति को बदलना और लोगों के जीवन स्तर को सुधारना है.

निवेश के लिए कौन से पोर्टफोलियो बनाए गए हैं?

फंड ने अपने निवेश को तीन मुख्य हिस्सों में बांटा है, जिन्हें विजन, स्ट्रैटेजिक और फाइनेंशियल पोर्टफोलियो कहा गया है. विजन पोर्टफोलियो के तहत 6 बड़े क्षेत्रों पर खास काम होगा, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

क्षेत्र (Sectors) फोकस एरिया
टूरिज्म और मनोरंजन यात्रा और मनोरंजन सेवाओं का विकास
रियल एस्टेट शहरी विकास और नए प्रोजेक्ट्स
इनोवेशन एडवांस्ड इंडस्ट्री और नई तकनीक
लॉजिस्टिक्स उद्योग और माल ढुलाई सेवाएं
क्लीन एनर्जी नवीकरणीय ऊर्जा और पानी का ढांचा
NEOM भविष्य का स्मार्ट शहर

इस नए प्लान से प्राइवेट सेक्टर को क्या फायदा होगा?

इस रणनीति का एक बड़ा लक्ष्य प्राइवेट सेक्टर को साथ लेकर चलना है. सरकार चाहती है कि निजी कंपनियां विकास में सक्रिय भागीदार बनें, जिससे नए बिजनेस और रोजगार पैदा हों. साथ ही, इसमें आधुनिक AI तकनीक का इस्तेमाल करके कामों को तेजी से पूरा किया जाएगा. इससे निवेश की क्षमता बढ़ेगी और देश में आर्थिक विविधता आएगी.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.