सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने अपने काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। क्राउन प्रिंस की अध्यक्षता में PIF बोर्ड ने 15 अप्रैल 2026 को साल 2026-2030 की नई रणनीति को मंजूरी दी। अब फंड सिर्फ अपना पैसा खर्च नहीं करेगा बल्कि दुनिया भर के निवेशकों को सऊदी अरब में निवेश के लिए बुलाएगा। इस नई योजना का मकसद कागजी विज़न से हटकर अब जमीनी स्तर पर औद्योगिक काम शुरू करना है।

नई रणनीति में क्या बदलाव हुए और किन प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ा?

नई योजना के तहत अब खर्चों में कटौती की जाएगी और कुल कैपिटल स्पेंडिंग को 15% कम किया जाएगा। कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स के बजट में तो 60% तक की कटौती हुई है। सबसे बड़ी खबर यह है कि NEOM के ‘The Line’ प्रोजेक्ट का निर्माण काम अभी रोक दिया गया है। हालांकि, सरकार NEOM ब्रांड को बरकरार रखेगी। साथ ही प्राइवेट सेक्टर की मदद के लिए 70 बिलियन सऊदी रियाल का एक नया फंड बनाया गया है।

AI और टेक्नोलॉजी के लिए क्या खास तैयारी है?

सऊदी अरब अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनना चाहता है। इसके लिए PIF की कंपनी HUMAIN को मुख्य जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही NVIDIA और Amazon Web Services (AWS) जैसी बड़ी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया गया है ताकि देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके।

क्षेत्र या कंपनी निवेश या लक्ष्य
HUMAIN टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप 23 बिलियन डॉलर
वेंचर फंड 10 बिलियन डॉलर
xAI निवेश 3 बिलियन डॉलर
Blackstone डेटा सेंटर 3 बिलियन डॉलर
NVIDIA GPUs 3 साल में 6 लाख
AWS Riyadh AI Zone 1.5 लाख NVIDIA GPUs

टूरिज्म, माइनिंग और ग्रीन एनर्जी पर क्या प्लान है?

सरकार अब धार्मिक पर्यटन और हाई-एंड टूरिज्म पर ज्यादा ध्यान देगी। साथ ही देश के 2.5 ट्रिलियन डॉलर के खनिज संसाधनों (Minerals) का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में 2030 तक 50% बिजली रिन्यूएबल एनर्जी से बनाने का लक्ष्य है। अब सऊदी अरब विदेशों में निवेश को 30% से घटाकर 18-20% कर देगा और उस पैसे को देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाएगा।