सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने साल 2026 से 2030 तक के लिए अपनी नई रणनीति को मंजूरी दे दी है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है। अब फंड का पूरा ध्यान स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और दुनिया भर के बड़े निवेशकों को सऊदी अरब लाने पर होगा।
PIF की नई रणनीति में क्या खास है?
PIF अब केवल तेजी से बढ़ने के बजाय लंबे समय तक फायदा देने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा। इसमें खास तौर पर स्थानीय आर्थिक सिस्टम को बेहतर बनाने और रणनीतिक संपत्तियों का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य सऊदी नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारना और अर्थव्यवस्था में विविधता लाना है। फंड अब ऐसी तकनीक और उद्योगों पर निवेश करेगा जो वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सकें।
किन बड़े बदलावों की हुई घोषणा?
इस नई रणनीति के तहत कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जो आने वाले समय में जमीन पर दिखेंगे:
- The Line प्रोजेक्ट: इस मेगा प्रोजेक्ट को फिलहाल रोक दिया गया है या इसकी रूपरेखा बदली जा रही है।
- विदेशी निवेश: विदेश में निवेश के लक्ष्य को 30% से घटाकर 18-20% कर दिया गया है।
- AI पर जोर: HUMAIN नाम की AI कंपनी को अब एक प्रमुख पहल के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
- खर्च में कटौती: पोर्टफोलियो कंपनियों के खर्च में कम से कम 20% की कमी लाने का फैसला लिया गया है।
- निर्माण खर्च: निर्माण कार्यों के खर्च में करीब 41 अरब डॉलर की कटौती की गई है।
विदेशी निवेशकों और कंपनियों के लिए क्या मौका है?
PIF गवर्नर यासिर अल-रुमय्यान ने बताया कि अब रणनीति “सऊदी को दुनिया तक ले जाने” के बजाय “दुनिया को सऊदी में लाने” की होगी। इसके लिए विदेशी पूंजी और ग्लोबल इन्वेस्टर्स को साझेदारी के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, डेटा सेंटर, फार्मा और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर में निवेश के बड़े मौके मिलेंगे। माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और ब्लैक रॉक जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी हैं।
