सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को तेल के भरोसे से हटाकर नया रूप देने के लिए Public Investment Fund (PIF) ने बड़ी भूमिका निभाई है. फंड के गवर्नर Yasser Al-Rumayyan ने बताया कि 2021 से 2024 के बीच देश की गैर-तेल जीडीपी (GDP) में जो बढ़त हुई, उसमें एक तिहाई हिस्सा इसी फंड का था. यह निवेश करीब 910 अरब सऊदी रियाल के बराबर है, जिसने देश की तरक्की में बड़ी मदद की है.
PIF ने अर्थव्यवस्था के लिए क्या किया?
PIF ने केवल निवेश ही नहीं किया, बल्कि विदेशी कंपनियों को भी सऊदी अरब की ओर खींचा है. आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच 75 अरब रियाल से ज़्यादा का विदेशी निवेश आया. इसके अलावा, फंड की कंपनियों ने भी करीब 57 अरब रियाल का विदेशी निवेश जुटाया है. इससे सऊदी अरब अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहा और नए व्यापारिक रास्ते खुले हैं.
नौकरियों और नए प्रोजेक्ट्स का क्या हाल है?
फंड की वजह से देश में रोजगार के नए मौके भी मिले हैं. इंजीनियरिंग डिजाइन के क्षेत्र में 12 हज़ार नई नौकरियाँ पैदा हुई हैं. इसके साथ ही, Acwa Power जैसी कंपनियों ने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) में बड़ा काम किया है, जो 2030 तक के सऊदी लक्ष्य का करीब 70% हिस्सा पूरा कर रही हैं.
Neom और भविष्य की क्या योजना है?
गवर्नर ने साफ किया है कि Neom प्रोजेक्ट्स बंद नहीं हुए हैं, बस उनकी प्राथमिकताएं बदली गई हैं. ‘The Line’ प्रोजेक्ट अभी भी अहम है, लेकिन इस समय इसे सबसे ज़्यादा ज़रूरी नहीं माना गया है. अब 2026-2030 की नई रणनीति पर काम शुरू होगा, जिसमें प्राइवेट निवेशकों और विदेशी पूंजी के साथ साझेदारी पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाएगा. वहीं, Future Investment Initiative (FII) के जरिए 2017 से अब तक 250 अरब डॉलर से ज़्यादा के सौदे हुए हैं.
