सऊदी अरब ने हज 1447 AH के लिए अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत कर दिया है. सऊदी पोस्ट (SPL) अब पवित्र स्थलों पर 24 घंटे मेडिकल लॉजिस्टिक्स की सुविधा देगा. इसका मकसद यह है कि मरीजों को समय पर खून और जरूरी मेडिकल सैंपल मिल सकें ताकि किसी की जान को खतरा न हो. यह पूरी व्यवस्था सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के तहत तैयार की गई है.
सऊदी पोस्ट (SPL) ने कैसे की तैयारी और क्या है प्लान?
सऊदी पोस्ट ने इस बार हज सीजन के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. कंपनी ने 565 से ज्यादा ट्रेंड कर्मचारियों को तैनात किया है जो दिन-रात काम करेंगे. लॉजिस्टिक्स के लिए 100 से ज्यादा ट्रक और 65 गाड़ियां तैयार रखी गई हैं. इनका मुख्य काम अस्पतालों के बीच खून की यूनिट्स और बायोलॉजिकल सैंपल को तेजी से पहुंचाना होगा ताकि इलाज में देरी न हो.
स्वास्थ्य सेवाओं में क्या-क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों ने मिलकर बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं. स्वास्थ्य मंत्री फहद अलजलाजेल ने बताया कि इसके लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी. इस बार की मुख्य व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
- कुल बेड की संख्या 20,000 से ज्यादा है, जिसमें से 3,800 बेड पवित्र स्थलों पर लगाए गए हैं.
- इमरजेंसी केयर सेंटरों की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है.
- मरीजों को लाने-ले जाने के लिए 3,000 से ज्यादा एम्बुलेंस तैनात की गई हैं.
- हज सीजन की शुरुआत से अब तक 1,21,626 से ज्यादा स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं.
डिजिटल हेल्थ और अन्य खास सुविधाएं क्या हैं?
सऊदी सरकार ने टेक्नोलॉजी का भी बड़ा सहारा लिया है. Seha Virtual Hospital और 937 कॉल सेंटर के जरिए यात्रियों को मेडिकल सलाह और परामर्श कई भाषाओं में मिलेगा. इसके अलावा, NUPCO ने जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल शुरू किया है. वहीं, मक्का रूट पहल के तहत सऊदी पोस्ट यात्रियों के सामान की जिम्मेदारी भी संभाल रहा है ताकि यात्री बिना किसी तनाव के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज 1447 के लिए सऊदी पोस्ट क्या खास काम कर रहा है?
सऊदी पोस्ट 24 घंटे मेडिकल लॉजिस्टिक्स चला रहा है, जिससे अस्पतालों के बीच खून और सैंपल जल्दी पहुंचाए जा सकें. इसके लिए 565 कर्मचारी और 165 गाड़ियां लगाई गई हैं.
हज यात्रियों के लिए बेड और एम्बुलेंस की क्या व्यवस्था है?
इस बार कुल 20,000 से ज्यादा बेड उपलब्ध हैं और 3,000 से अधिक एम्बुलेंस तैनात की गई हैं. साथ ही 25 अर्जेंट केयर सेंटर भी बनाए गए हैं.
