सऊदी अरब में प्रीमियम रेजिडेंसी (Premium Residency) लेने वालों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। वहां की शूरा काउंसिल ने इस प्रोग्राम की फीस और नियमों की समीक्षा करने की मांग की है। इसका मकसद दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले इस प्रोग्राम को और बेहतर और आसान बनाना है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग सऊदी में निवेश कर सकें और वहां बस सकें।

प्रीमियम रेजिडेंसी प्रोग्राम में क्या बदलाव हो सकते हैं?

शूरा काउंसिल ने 18 मई 2026 को हुई अपनी बैठक में प्रीमियम रेजिडेंसी सेंटर को निर्देश दिया है कि वह अपने प्रोग्राम की फीस और कागजी कार्रवाई (procedures) की फिर से जांच करे। काउंसिल का कहना है कि सऊदी अरब के नियम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने चाहिए। इसका मतलब है कि फीस और प्रोसेस ऐसा हो जो दुनिया भर के काबिल लोगों और निवेशकों को आकर्षित करे और उन्हें सऊदी अरब आने के लिए प्रेरित करे।

यह फैसला ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमेटी के सुझावों के बाद लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर थामेर नासिफ ने की। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी स्पीकर डॉ. मिशाल बिन फहम अल-सुलामी ने की थी।

छोटे शहरों में निवेश के लिए मिलेंगे खास फायदे

सरकार अब यह चाहती है कि प्रीमियम रेजिडेंसी लेने वाले लोग अपना पैसा सिर्फ रियाद या जेद्दा जैसे बड़े शहरों में ही न लगाएं। शूरा काउंसिल ने ऐसे खास प्रोत्साहन (incentives) देने की बात कही है जिससे निवेशक सऊदी अरब के अलग-अलग प्रांतों और छोटे शहरों में निवेश करें। इससे पूरे देश का विकास एक समान होगा और केवल बड़े शहरों पर बोझ नहीं बढ़ेगा।

  • मकसद: संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना।
  • रणनीति: निवेशकों को छोटे शहरों की तरफ आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और लाभ देना।
  • लक्ष्य: विज़न 2030 के तहत निवेश के नए रास्ते खोलना।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शूरा काउंसिल ने प्रीमियम रेजिडेंसी के बारे में क्या मांग की है?

काउंसिल ने प्रीमियम रेजिडेंसी सेंटर से इसकी फीस और आवेदन प्रक्रिया की समीक्षा करने को कहा है ताकि यह दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बेहतर और आसान हो सके।

क्या रेजिडेंसी लेने वालों को छोटे शहरों में निवेश करने के फायदे मिलेंगे?

हां, शूरा काउंसिल ने ऐसे विशेष प्रोत्साहन लागू करने की बात कही है जिससे प्रीमियम रेजिडेंसी धारक बड़े शहरों के बजाय छोटे प्रांतों और शहरों में निवेश करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.