सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर और बहरीन के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत का मुख्य मकसद खाड़ी देशों में शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। इलाके में बढ़ते तनाव के बीच यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है।

सऊदी, कतर और बहरीन के बीच क्या चर्चा हुई?

26 अप्रैल 2026 को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल ज़ायनी से अलग-अलग फोन कॉल किए। इन बातचीत के दौरान मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा हुई:

  • क्षेत्रीय स्थिति: इलाके में चल रहे ताजा हालात और उनके असर पर बात की गई।
  • सुरक्षा और स्थिरता: देशों ने मिलकर इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कैसे लाई जाए।
  • आपसी तालमेल: सऊदी अरब अब ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है जिससे देशों के बीच बातचीत सिर्फ फोन कॉल तक सीमित न रहे, बल्कि एक स्थायी ढांचा तैयार हो।

ईरान के खतरों और सुरक्षा नियमों पर क्या है स्थिति?

इस बातचीत के पीछे की बड़ी वजह ईरान की गतिविधियां हैं। हाल ही में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं जिनसे सुरक्षा स्थिति स्पष्ट होती है:

  • UN का फैसला: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2817 (2026) के तहत ईरान से मांग की गई है कि वह पड़ोसी देशों पर हमले और धमकी तुरंत बंद करे।
  • अरब लीग की बैठक: 22 अप्रैल 2026 को बहरीन के विदेश मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की ईरानी धमकियों की कड़ी निंदा की गई।
  • आत्मरक्षा का अधिकार: सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने साफ किया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत उन्हें अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।