सऊदी अरब और कतर के विदेश मंत्रियों के बीच सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को एक अहम फोन कॉल हुई. इस बातचीत में दोनों देशों ने इलाके में चल रही उथल-पुथल और शांति बहाली के तरीकों पर चर्चा की. खास तौर पर ईरान और अमेरिका के बीच हालिया घटनाक्रमों को लेकर बातचीत हुई ताकि व्यापार और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके.

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सऊदी और कतर के बीच क्या चर्चा हुई?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने फोन पर बात की. उन्होंने क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों और उन्हें सुलझाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर गौर किया. इस बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में स्थिरता लाना और तनाव को कम करना था ताकि आम जनजीवन और व्यापार पर असर न पड़े.

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम का क्या असर होगा?

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हुई, लेकिन उसके बाद युद्ध विराम की घोषणा हुई. कतर ने इस फैसले का स्वागत किया है. कतर का मानना है कि इस युद्ध विराम को जल्द से जल्द मजबूत करना जरूरी है ताकि समुद्री रास्तों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कोई असर न पड़े और दुनिया भर की सप्लाई चेन सुरक्षित बनी रहे.

ईरान के विदेश मंत्री की भी हुई बातचीत

उसी दिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सऊदी और कतर के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बात की. तीनों देशों के बीच चर्चा का केंद्र क्षेत्रीय विकास और शांति बनाए रखना था. यह बातचीत इस समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि Gulf देशों के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.