क्षेत्रीय तनाव को कम करने और समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए सऊदी अरब ने कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। 19 और 20 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बात की। इन बातचीत का मुख्य उद्देश्य इलाके में बढ़ रहे तनाव को रोकना और आपसी बातचीत को बढ़ावा देना था।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीति पर जोर
बैठक के दौरान मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना बहुत जरूरी है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके अलावा सऊदी विदेश मंत्री ने मिस्र के विदेश मंत्री और कतर के विदेश मंत्री ने ओमान के विदेश मंत्री के साथ भी क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।
हुथी हमलों की कड़ी निंदा
क्षेत्रीय देशों ने सऊदी अरब के खिलाफ हो रहे हुथी हमलों की निंदा की है। 21 और 22 जुलाई को कतर, कुवैत और जॉर्डन ने साफ कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम है। सऊदी सरकार ने भी संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों 2216 और 2722 के पालन की बात दोहराई है, ताकि यमन में शांति बनी रहे और समुद्री व्यापार में कोई बाधा न आए।
