सऊदी अरब, कतर और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों की हुई अहम बातचीत, समुद्री सुरक्षा और तनाव कम करने पर दिया जोर

क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन को लेकर खाड़ी देशों के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। 2 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री हिज हाइनेस प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की। इस दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीति पर जोर
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस चर्चा का मुख्य केंद्र अरब की खाड़ी और लाल सागर में समुद्री जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना था। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान ने बातचीत के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन को लागू करने की जरूरत बताई ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा बनी रहे।
तनाव कम करने की कोशिशें
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत के विदेश मंत्री शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने भी सऊदी, जॉर्डन और मिस्र के अपने समकक्षों से बात की है। इससे पहले 30 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने जॉर्डन पर हुए कथित ईरानी हमलों की निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तनाव को देखते हुए सैन्य हमलों को रोकने का फैसला किया है, जिसे खाड़ी देशों के साथ हुई बातचीत और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की संयम बरतने की अपील का असर माना जा रहा है।