Saudi, Qatar और Oman के विदेश मंत्रियों ने की हाई-लेवल बैठक, क्षेत्रीय सुरक्षा और गाजा के हालात पर हुई चर्चा.

क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 16 अगस्त 2026 को खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं ने अहम चर्चा की है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan bin Abdullah ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani और ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad bin Humood Al Busaidi के साथ अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय हालात का जायजा लिया। इस दौरान सभी नेताओं ने आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया ताकि इलाके में शांति बनी रहे और किसी भी तरह की अनहोनी से मिलकर निपटा जा सके।
ओमान और कतर के बीच हुई द्विपक्षीय चर्चा
ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad bin Humood Al Busaidi ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ मिलकर आपसी रिश्तों, सहयोग कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास पर विस्तार से बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे तनाव को कम किया जाए और बातचीत के जरिए मामलों को सुलझाया जाए। इसके अलावा, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा और नेविगेशन को सुरक्षित रखने को लेकर भी जरूरी मुद्दों पर बात की गई। ओमान और ईरान के बीच भी हॉर्मूज जलडमरूमध्य के लिए एक शिपिंग रूट मैप को लेकर सहमति बन चुकी है, जबकि ओमान के विदेश मंत्रालय ने ईरान के साउथ पार्स फील्ड में ऊर्जा सुविधाओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है।
सऊदी अरब की यमन और लाल सागर पर नजर
सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan bin Abdullah ने यमन के विदेश मंत्री Afrah Al-Zouba से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और यमन के हालात पर बातचीत की गई। सऊदी मंत्री ने हौथी मिलिशिया द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे तनाव और लाल सागर तथा बाब अल-मंदाब क्षेत्र में मंडरा रहे खतरों को लेकर गंभीर चिंता जताई। सऊदी अरब लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए काम कर रहा है ताकि खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले प्रवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गाजा संघर्ष और फलस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में संयुक्त बयान
सऊदी अरब, कतर और ओमान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर एक साझा बयान जारी किया। इन सभी देशों ने इस्राइल द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति की गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना को ठुकराने और फलस्तीनी राष्ट्र की मांग को खारिज करने की कड़ी निंदा की है। मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि मानवीय संकट को दूर करने, गाजा में शांति और सुरक्षा बहाल करने तथा पुनर्निर्माण के कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए इस योजना का पूरी तरह से लागू किया जाना बेहद जरूरी है।
कतर और ओमान से जुड़ी अन्य अहम कूटनीतिक गतिविधियां
कतर के प्रधानमंत्री ने कतर में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी Christopher Hodges और जर्मनी के राजदूत Oliver Owcza से भी अलग-अलग मुलाकात करके आपसी सहयोग के मुद्दों पर बात की। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al-Ansari ने ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें ईरानी पायलटों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च महीने में एक ईरानी विमान के बिना अनुमति के कतर के एयरस्पेस में आने के बाद कतर की खोज और बचाव टीम ने केवल एक पायलट के अवशेष बरामद किए थे। इसके अलावा, ईरान के साथ तकनीकी वार्ताओं के बाद ओमान ने शिपिंग रूट को लेकर समझौता किया है।