हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: सऊदी अरब और कतर ने अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की अपील की

सऊदी अरब और कतर के विदेश मंत्रियों ने 2 अगस्त 2026 को फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के पालन पर जोर दिया है। दोनों देशों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा बनी रहे। यह इलाका व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
समझौते का घटनाक्रम
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 17 जून 2026 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद दोनों देशों के बीच दुश्मनी को खत्म करना और व्यापारिक जहाजों के लिए समुद्री मार्ग को खोलना था। हालांकि, यह समझौता कुछ हफ्तों में ही टूट गया और 8 जुलाई 2026 को अमेरिका ने इसे रद्द कर दिया। ईरान ने भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके बाद वहां तनाव और बढ़ गया।
वर्तमान स्थिति और चेतावनी
फरवरी 2026 से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हालात खराब हैं और CENTCOM ने जुलाई के मध्य में ईरान पर फिर से समुद्री नाकेबंदी लगा दी थी। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नाकेबंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने किसी भी तरह के हमले का कड़ा जवाब देने की बात कही है। फिलहाल, कतर इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि बातचीत के जरिए रास्ता निकल सके और समुद्री व्यापार दोबारा सामान्य हो सके।