सऊदी अरब के रियल एस्टेट बाजार में इस वक्त काफी सुस्ती देखने को मिल रही है. रमजान के पवित्र महीने के तीसरे हफ्ते में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में भारी कमी दर्ज की गई है. रियाद, जेद्दाह और दम्माम जैसे बड़े शहरों में लोग फिलहाल नई प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से बच रहे हैं. इस बात की जानकारी Akhbar24 और रियल एस्टेट एक्सपर्ट सुलेमान अल-अनेजी ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में दी है.

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क्या गिर रहे हैं ज़मीन और मकान के दाम

बाजार में सुस्ती के बावजूद ज़मीन और रिहायशी प्रॉपर्टी के दामों में कोई भारी गिरावट देखने को नहीं मिली है. रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग प्रॉपर्टी बेच रहे हैं, वे दाम कम करने को तैयार नहीं हैं. वहीं दूसरी तरफ, खरीदार इस उम्मीद में रुके हुए हैं कि रमजान खत्म होने के बाद शायद दाम कम हो जाएं और उन्हें अच्छा सौदा मिल सके.

इस समय बाजार में पैसों का लेनदेन भी काफी कम हो गया है. लोग फिलहाल नए फाइनेंस प्लान या ब्याज दरों में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा कीमत पर बाजार पूरी तरह से स्थिर हो चुका है, जिस वजह से नए सौदे नहीं हो पा रहे हैं.

रियल एस्टेट दफ्तरों का समय और सरकारी नियम

रमजान के कारण ज्यादातर रियल एस्टेट दफ्तरों ने अपने काम करने का समय बदल दिया है. अब दिन की जगह इफ्तार के बाद यानी शाम और रात के समय प्रॉपर्टी की डील पर बातचीत हो रही है. इसी वजह से दिन के समय बाजार पूरी तरह से सुस्त नजर आता है.

इस बीच Real Estate General Authority (REGA) बाजार पर पूरी नजर रख रही है. Brokerage Law के तहत यह जांच की जा रही है कि कोई प्रॉपर्टी के दाम गलत तरीके से बढ़ाकर न दिखाए. प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन सरकारी सेवाएं जैसे Najiz और Ejar चौबीसों घंटे चालू हैं, हालांकि प्रॉपर्टी के कागजात (Sukkuk) बनने की संख्या में कमी आई है.

ईद के बाद क्या होगा प्रॉपर्टी मार्केट का हाल

एक्सपर्ट सुलेमान अल-अनेजी का कहना है कि यह सुस्ती एक सीजनल असर है जो अक्सर रमजान में दिखता है, लेकिन इस साल इसका असर पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है. इस समय बाजार एक ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है.

बड़े निवेशक और आम खरीदार दोनों ही ईद-उल-फितर के बाद प्रॉपर्टी मार्केट का रुख देखकर ही कोई बड़ा फैसला लेने वाले हैं. आम लोगों के लिए यह ऐसा समय है जब वे ऑफ-मार्केट बातचीत कर सकते हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर अप्रैल के अंत तक बाजार में तेजी लौटने की संभावना है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.