सऊदी अरब में हज यात्रा 2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी (SRCA) ने सऊदी प्रेस एजेंसी के माध्यम से एक जरूरी संदेश जारी कर हज यात्रियों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों के प्रति सतर्क रहने को कहा है। भीषण गर्मी और शारीरिक मेहनत के कारण यात्रियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को देखते हुए यह स्वास्थ्य निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद ली जा सके।
हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में सऊदी अथॉरिटी की त्वरित कार्रवाई
सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी और मक्का हेल्थ क्लस्टर हज के दौरान लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मदीना क्षेत्र में मस्जिद-ए-नबवी में एक 57 वर्षीय मिस्र के हज यात्री को अचानक स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज दिया गया। इसके अलावा मक्का हेल्थ क्लस्टर ने इंडोनेशिया, म्यांमार, अल्जीरिया, मलेशिया, सीरिया और इराक से आए कई यात्रियों की जान बचाई जिन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया था। कुछ यात्रियों को इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए स्मार्ट मेडिकल घड़ियां भी दी गई हैं जिससे उनके जरूरी संकेतों की दूर से ही निगरानी की जा सके।
मदीना क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़े और गाइडलाइंस
मदीना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग को 16 मई 2026 तक स्ट्रोक के 31 और दिल की बीमारियों से जुड़े 28 मामलों की रिपोर्ट मिली थी। मेडिकल डिस्पैच सेंटर को इस दौरान कुल 42,588 कॉल मिलीं, जिसके बाद 13,035 एम्बुलेंस रिपोर्ट दर्ज की गईं। इनमें से 5,158 मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और 5,891 लोगों का मौके पर ही इलाज किया गया। सऊदी अरब ने इस साल के हज के लिए कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं, जिसके तहत गंभीर दिल की बीमारी, किडनी फेलियर और लीवर सिरोसिस जैसी स्थिति से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए क्या स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है?
सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी ने हज यात्रियों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और छाती में दर्द या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करने की सलाह दी है।
सऊदी स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए हैं?
विभाग ने मदीना और मक्का में विशेष स्ट्रोक पाथवे और त्वरित चिकित्सा सेवाएं शुरू की हैं। कुछ मरीजों को ठीक होने के बाद उनकी निगरानी के लिए स्मार्ट मेडिकल घड़ियां भी दी गई हैं।