मदीना जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सऊदी अरब सरकार ने खास इंतजाम किए हैं। सऊदी रेड क्रीसेंट अथॉरिटी (SRCA) ने यहां एम्बुलेंस सेवाओं की तैयारी को और मजबूत कर दिया है। अब किसी भी इमरजेंसी में हाजियों और जायरीन को तुरंत मेडिकल मदद मिल सकेगी। यह पूरी योजना सऊदी विज़न 2030 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लागू की गई है।

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श्रद्धालुओं के लिए क्या नई सुविधाएं शुरू हुईं?

सऊदी रेड क्रीसेंट ने मदीना में भीड़भाड़ वाले इलाकों में मरीजों को पहुंचाने के लिए खास बदलाव किए हैं। 28 फरवरी 2026 से यहाँ इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है। ये गाड़ियां मस्जिद-ए-नबवी, कुबा मस्जिद और मिकात मस्जिद जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आसानी से पहुंच सकती हैं। इससे बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को समय पर इलाज मिलने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली टीमों और विशेष ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि आपातकालीन सेवाओं में कोई देरी न हो।

बेहतर इलाज के लिए किन संस्थाओं ने मिलाया हाथ?

मदीना में स्वास्थ्य सेवाओं को और पुख्ता करने के लिए कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। इस संबंध में मुख्य अपडेट नीचे दिए गए हैं:

  • वॉलंटरी नेशनल एसोसिएशन (Fazzah): 9 अप्रैल 2026 को SRCA और फज्जा के बीच एक समझौता हुआ है, जिससे वॉलिंटियर्स और एम्बुलेंस टीमों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।
  • इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम: मदीना में कुल 17 स्वास्थ्य संस्थान एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह सिस्टम मस्जिद-ए-नबवी और उसके आस-पास के इलाकों में फुट पेट्रोल और आधुनिक उपकरणों के जरिए मेडिकल ड्यूटी निभा रहा है।
  • सफलता की मिसाल: 4 जनवरी 2026 को मदीना में तैनात एम्बुलेंस और वॉलिंटियर टीम ने मस्जिद-ए-नबवी के पास एक श्रद्धालु की जान बचाई, जिन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। यह टीम की तत्परता को दर्शाता है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com