सऊदी अरब के मदीना शहर से एक बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। हज यात्रा पर आए एक इंडोनेशियाई हाजी की अचानक दिल की धड़कन और सांस रुक गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी की टीम ने बेहद तेजी से काम किया और महज 3 मिनट 1 सेकंड के भीतर मौके पर पहुंचकर हाजी की जान बचा ली। हाजी का दिल और फेफड़े पूरी तरह काम करना बंद कर चुके थे लेकिन समय पर मिले इलाज से उन्हें नया जीवन मिला है।

मदीना के सेंट्रल एरिया में होटल के अंदर बिगड़ी थी हाजी की तबीयत

सऊदी रेड क्रेसेंट के क्षेत्रीय महानिदेशक डॉ. अहमद बिन अली अल-जहरानी ने बताया कि कंट्रोल रूम को मदीना के सेंट्रल एरिया में मौजूद एक होटल से इमरजेंसी कॉल मिली थी। इस कॉल में बताया गया कि इंडोनेशिया से आए एक हाजी की सांसें और दिल की धड़कन अचानक बंद हो गई हैं। यह मामला काफी गंभीर था क्योंकि मरीज को तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत थी और देरी होने पर जान जा सकती थी।

सऊदी रेड क्रेसेंट ने मात्र 3 मिनट में शुरू किया इलाज

सूचना मिलने के तुरंत बाद एम्बुलेंस टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम ने बिना कोई समय गंवाए केवल 3 मिनट और 1 सेकंड में होटल के कमरे में पहुंचकर मरीज को संभाला। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत एडवांस्ड कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर देना शुरू किया। काफी कोशिशों के बाद मौके पर ही हाजी की धड़कनें वापस आ गईं और उनका पल्स चलने लगा। इसके बाद मरीज को आगे के जरूरी इलाज के लिए अल-सलाम वक्फ अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हज सीजन को लेकर सऊदी रेड क्रेसेंट चौबीसों घंटे तैनात

डॉ. अल-जहरानी ने बताया कि हज सीजन 1447H को देखते हुए मदीना में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी हज यात्रियों और मदीना आने वाले जायरीनों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उनके पास आधुनिक एम्बुलेंस और बेहतरीन मेडिकल स्टाफ मौजूद हैं जो हर समय अलर्ट मोड पर रहते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मदीना में इंडोनेशियाई हाजी की जान बचाने में रेड क्रेसेंट को कितना समय लगा?

सऊदी रेड क्रेसेंट की आपातकालीन टीम ने रिपोर्ट मिलने के मात्र 3 मिनट और 1 सेकंड के भीतर होटल पहुंचकर इलाज शुरू कर दिया था।

इलाज के बाद इंडोनेशियाई हाजी को किस अस्पताल में भेजा गया?

मौके पर ही सीपीआर देकर धड़कन वापस लाने के बाद हाजी को आगे की देखभाल के लिए मदीना के अल-सलाम वक्फ अस्पताल में भेजा गया।