मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में एक इंडोनेशियाई तीर्थयात्री के साथ बड़ा हादसा हो गया था। उनकी धड़कनें और सांसें अचानक रुक गई थीं, लेकिन सऊदी रेड क्रेसेंट की टीम ने बहुत तेज़ी से काम किया। समय रहते सही इलाज मिलने से उनकी जान बच गई और उनकी धड़कनें फिर से शुरू हो गईं।

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क्या हुआ था उस दिन और मरीज की हालत क्या थी?

यह घटना बुधवार सुबह 5:28 बजे की है। मदीना क्षेत्र के सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी के मेडिकल डिस्पैच सेंटर को सूचना मिली कि मस्जिद-ए-नबवी के दक्षिणी आंगन में एक व्यक्ति की हालत बहुत खराब है। वहां मौजूद 54 साल के एक इंडोनेशियाई तीर्थयात्री को कार्डियक और रेस्पिरेटरी अरेस्ट हुआ था, जिसका मतलब है कि उनके दिल की धड़कन और सांसें पूरी तरह बंद हो गई थीं।

मदद पहुंचने में कितना समय लगा और क्या कार्रवाई हुई?

सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी के मदीना क्षेत्र के महानिदेशक डॉ. अहमद अल-ज़हरानी ने बताया कि जैसे ही रिपोर्ट मिली, तुरंत स्पेशलाइज्ड इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया। ये टीमें सिर्फ 1 मिनट और 5 सेकंड के रिकॉर्ड समय में वहां पहुंच गईं। टीम ने तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट शुरू किया और मरीज की धड़कनों को फिर से बहाल करने में सफलता पाई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह घटना कब और कहां हुई?

यह घटना 29 अप्रैल 2026 को बुधवार सुबह 5:28 बजे मदीना की मस्जिद-ए-नबवी के दक्षिणी आंगन में हुई थी।

सऊदी रेड क्रेसेंट टीम ने कितनी देर में रिस्पॉन्स दिया?

इमरजेंसी टीम ने सूचना मिलने के बाद मात्र 1 मिनट और 5 सेकंड के भीतर मौके पर पहुंचकर मरीज का इलाज शुरू कर दिया था।